Ranchi: राजधानी रांची के तालाबों और अन्य जलाशयों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए नगर निगम ने मंगलवार को विशेष अभियान चलाया। रांची नगर निगम अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत निगम की इंफोर्समेंट टीम ने शहर के कई प्रमुख जलाशयों के आसपास बनी अस्थायी दुकानों, गुमटियों, शेड और ठेलों को हटाया। यह कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट के समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुपालन में की गई। अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए नगर निगम ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए चार टीमों का गठन किया था। टीमों ने एक साथ कई जलाशयों के आसपास कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को जब्त किया।
इन जलाशयों के आसपास चला अभियान
नगर निगम की टीमों ने शहर के प्रमुख जलाशयों को अभियान में शामिल किया। इनमें धुर्वा डैम से लेकर हेहल तालाब तक कई इलाके शामिल रहे।
कार्रवाई प्रमुख रूप से इन स्थानों पर की गई:
- धुर्वा डैम
- जगन्नाथपुर तालाब
- हुंडरू तालाब
- बटन तालाब
- बड़ा तालाब
- करमटोली तालाब
- चडरी तालाब
- जेल तालाब
- अरगोड़ा तालाब
- हेहल तालाब
नगर निगम के अनुसार, जलाशयों के आसपास किए गए अनधिकृत कब्जे को हटाने का उद्देश्य इन इलाकों को सुरक्षित रखना और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की स्थिति बनने से रोकना है।
दुकानों, शेड और गुमटियों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान कई जगहों पर अस्थायी दुकानें, शेड, गुमटी और ठेले हटाए गए। अतिक्रमण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को निगम की टीम ने नियमानुसार जब्त भी किया।
धुर्वा डैम और आसपास के इलाकों में कार्रवाई
टीम-1 ने धुर्वा डैम, जगन्नाथपुर तालाब और हुंडरू तालाब के आसपास अभियान चलाया। यहां जलाशय की जमीन के आसपास बनी अस्थायी संरचनाओं और दुकानों को हटाया गया। मौके पर मौजूद वेंडर्स को भी संबंधित स्थान से हटाया गया।
बड़ा तालाब के पास पांच ठेले जब्त
टीम-2 ने बटन तालाब और बड़ा तालाब के आसपास कार्रवाई की। इस दौरान बड़ा तालाब के पास पांच ठेले और एक गुमटी जब्त की गई। इसके अलावा अन्य अस्थायी संरचनाओं को भी हटाया गया।
चडरी तालाब के पास भोजनालय और पान गुमटी हटाई
टीम-3 ने करमटोली तालाब, चडरी तालाब और जेल तालाब के आसपास अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। चडरी तालाब के आसपास चल रहे अस्थायी भोजनालय, टायर दुकान और पान गुमटी को हटाया गया।
नगर निगम की टीम ने संबंधित लोगों को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी भी दी।
अरगोड़ा और हेहल तालाब में भी चला अभियान
अभियान के तहत टीम-4 ने अरगोड़ा तालाब और हेहल तालाब के आसपास कार्रवाई की। यहां बांस-बल्लियों की मदद से बनाए गए दो अस्थायी शेड को ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम ने अभियान के दौरान साफ किया कि जलाशयों की जमीन पर किसी भी तरह का अनधिकृत कब्जा या निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दोबारा अतिक्रमण मिलने पर होगी कार्रवाई
नगर निगम के मुताबिक, तालाब, नदी और अन्य जलाशयों के आसपास अतिक्रमण कर अस्थायी या स्थायी निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जलाशय की जमीन का व्यावसायिक गतिविधियों या किसी अन्य अनधिकृत उपयोग के लिए इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा। निगम का कहना है कि रांची के जलाशयों को अतिक्रमणमुक्त और संरक्षित रखना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। आने वाले दिनों में भी जरूरत के अनुसार ऐसे अभियान जारी रखे जा सकते हैं।




