Chhapra: सारण जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ का खतरा और गंभीर हो गया है। मकेर प्रखंड के बाघाकोल और हैजलपुर इलाके में मुख्य बांध टूटने की सूचना से आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। बांध टूटने के बाद पानी तेजी से आसपास के क्षेत्रों में फैलने लगा, जिससे कई गांवों के प्रभावित होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम सक्रिय हो गई। अधिकारी मौके पर पहुंचकर बांध टूटने के बाद की स्थिति और पानी के फैलाव का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत-बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने की है।
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बांध टूटने के बाद गांवों में बढ़ी चिंता
गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण सारण के कई इलाकों में पहले से ही बाढ़ का खतरा बना हुआ था। ऐसे समय में मकेर क्षेत्र में मुख्य बांध टूटने की सूचना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बांध से पानी निकलने के बाद आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन पानी के फैलाव का आकलन कर रहा है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
बांध टूटने की सूचना के बाद जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार भी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और स्थानीय स्थिति की जानकारी ली। प्रशासनिक टीम यह पता लगाने में जुटी है कि पानी कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है और इससे किन-किन इलाकों पर असर पड़ सकता है। अधिकारियों की ओर से मौके पर मौजूद टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
राहत और बचाव की तैयारी तेज
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान को और तेज किया जा सकता है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर नजर रखी जा रही है:
- पानी के फैलाव की स्थिति
- निचले इलाकों में संभावित खतरा
- प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना
- राहत और बचाव दल की तैनाती
- आगे बांध और नदी की स्थिति की निगरानी
गंडक के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई मुश्किल
सारण जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण पहले से ही कई इलाकों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है। अब मकेर में बांध टूटने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। फिलहाल प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। पानी का फैलाव बढ़ने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान को और व्यापक किया जा सकता है।


