Bihar: पटना के बाढ़ अनुमंडल में जमीन विवाद ने अब तनाव का रूप ले लिया है। बेलछी थाना क्षेत्र के मसत्थू गांव में गैर मजरुआ जमीन के इस्तेमाल और कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। घटना में एक रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर (SI) समेत तीन लोग घायल हो गए। घायलों में रिटायर्ड SI के बेटे और पोते के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जमीन विवाद में मारपीट, रिटायर्ड SI गंभीर रूप से घायल
मसत्थू गांव में विवादित जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से तनाव चल रहा था। इसी बीच मामला अचानक बढ़ गया और मारपीट हो गई। इसमें रिटायर्ड SI को गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। घटना में उनके बेटे और पोते के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। मारपीट की घटना के बाद गांव में स्थिति को देखते हुए पुलिस की गतिविधियां बढ़ गई हैं। पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।
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CO की मौजूदगी को लेकर भी उठे सवाल
घटना के बाद घायल पक्ष की ओर से प्रशासन की मौजूदगी को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। घायल पक्ष का दावा है कि जब दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ा और मारपीट हुई, उस समय अंचलाधिकारी (CO) अपने दो गार्ड के साथ मौके पर मौजूद थीं। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी के बावजूद दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला किया। घायल पक्ष ने यह भी कहा कि घटना के बाद CO वहां से चली गईं। हालांकि, अंचलाधिकारी ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह मौके से लौट चुकी थीं और उनके जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई।
सरकारी जमीन या निजी संपत्ति? यही है विवाद की जड़
प्रशासन के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह सरकारी गैर मजरुआ जमीन पर कब्जे को लेकर है। दोनों पक्ष लंबे समय से इस जमीन को लेकर आमने-सामने हैं। इसी विवादित जमीन पर एक पक्ष की ओर से मकान बनाए जाने की बात भी सामने आई है। अब प्रशासन के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल जमीन की वास्तविक स्थिति को लेकर है। यह पता लगाया जाना है कि जमीन सरकारी गैर मजरुआ श्रेणी में आती है या किसी पक्ष की निजी खरीदगी की संपत्ति है। जमीन के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति की जांच के बाद ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जमीन विवाद से गांव की जलनिकासी भी प्रभावित
मसत्थू गांव का यह विवाद केवल जमीन के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस जमीन को लेकर विवाद है, वह गांव की जलनिकासी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के करीब एक-तिहाई हिस्से का नाले का पानी इसी रास्ते से होकर मुख्य सड़क की ओर जाता है। आरोप है कि एक पक्ष ने जमीन को अपनी खरीदी हुई संपत्ति बताते हुए उसे घेर लिया। जमीन घेरने के बाद पानी की निकासी बाधित होने लगी। इसके चलते मुख्य सड़क पर जलजमाव की समस्या पैदा हो गई। हने की समस्या केवल बारिश के दौरान नहीं होती, बल्कि कई बार पूरे साल लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
दोनों पक्षों ने पुलिस में दी शिकायत
मारपीट की घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस अब शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज करने के साथ जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर सकती है। प्रशासनिक स्तर पर जमीन की प्रकृति और जलनिकासी के रास्ते की स्थिति की जांच भी अहम होगी।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एक तरफ जमीन पर कब्जे और जलनिकासी बाधित होने के आरोप हैं, तो दूसरी तरफ जमीन को निजी संपत्ति बताने की बात सामने आ रही है। ऐसे में जमीन के सरकारी रिकॉर्ड, मौके की स्थिति और घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच में महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस और प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विवादित जमीन की वास्तविक स्थिति क्या है और मारपीट की घटना के लिए कौन जिम्मेदार है। रिटायर्ड SI समेत तीन लोगों के घायल होने के बाद मसत्थू गांव में तनाव बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




