मोतिहारी की मोतीझील में बनेगा 9 करोड़ का लाइट एंड साउंड शो, पानी की स्क्रीन पर दिखेगा चंपारण का इतिहास

Bihar News: मोतिहारी की मोतीझील में 9 करोड़ रुपये से लाइट एंड साउंड शो बनेगा। 22 मिनट के शो में 3D प्रोजेक्शन से चंपारण का इतिहास दिखेगा।
मोतिहारी की मोतीझील में बनेगा 9 करोड़ का लाइट एंड साउंड शो
Advertisement

Motihari: बिहार के मोतिहारी को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। ऐतिहासिक मोतीझील में करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से लाइट एंड साउंड शो तैयार किया जाएगा। गायत्री मंदिर के समीप आयोजित कार्यक्रम में सांसद एवं पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पर्यटकों को मोतीझील में मनोरंजन के साथ-साथ चंपारण के इतिहास, संस्कृति और विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जानने का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि शो के दौरान पानी की स्क्रीन पर थ्री-डी प्रोजेक्शन और लेजर के जरिए ऐतिहासिक घटनाओं को जीवंत अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।

22 मिनट का होगा मल्टीमीडिया शो

मोतीझील में प्रस्तावित लाइट एंड साउंड शो करीब 22 मिनट का होगा। इसे हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में तैयार किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटक भी इसे आसानी से समझ सकें।

शो को आकर्षक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से:

  • पानी की स्क्रीन पर थ्री-डी प्रोजेक्शन
  • लेजर लाइट शो
  • डायनामिक फाउंटेन
  • अत्याधुनिक साउंड सिस्टम
  • हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी प्रस्तुति

जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

चंपारण की विरासत को आधुनिक अंदाज में दिखाने की तैयारी

लाइट एंड साउंड शो की सबसे बड़ी खासियत इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कंटेंट होगा। प्रस्तुति के जरिए चंपारण के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी और पर्यटकों तक पहुंचाने की योजना है। शो में रामायण, बौद्ध और गांधी सर्किट से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। इससे दर्शकों को केवल मनोरंजन ही नहीं मिलेगा, बल्कि चंपारण के ऐतिहासिक महत्व को समझने का अवसर भी मिलेगा।

पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण

मोतीझील पहले से ही मोतिहारी के प्रमुख स्थलों में शामिल है। लाइट एंड साउंड शो शुरू होने के बाद यहां पर्यटकों की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। परियोजना का उद्देश्य मोतीझील को सिर्फ स्थानीय भ्रमण स्थल तक सीमित रखने के बजाय एक ऐसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है, जहां इतिहास, संस्कृति और आधुनिक मनोरंजन का मेल देखने को मिले।

पांच साल तक संचालन और रखरखाव का प्रावधान

परियोजना में केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि इसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया है। इसके लिए पांच वर्षों का प्रावधान किया गया है। इससे शो के शुरू होने के बाद तकनीकी सुविधाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने और आवश्यक रखरखाव जारी रखने में मदद मिल सकती है।

स्थानीय रोजगार और कारोबार को भी फायदा

मोतीझील में नया पर्यटन आकर्षण विकसित होने से इसका असर आसपास की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, परिवहन सेवाओं और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

क्यों खास है मोतीझील का प्रोजेक्ट?

  • करीब 9 करोड़ रुपये की लागत
  • लगभग 22 मिनट का शो
  • हिंदी और अंग्रेजी में प्रस्तुति
  • पानी की स्क्रीन पर 3D प्रोजेक्शन
  • लेजर और डायनामिक फाउंटेन
  • चंपारण के इतिहास और संस्कृति की प्रस्तुति
  • रामायण, बौद्ध और गांधी सर्किट की झलक
  • संचालन एवं रखरखाव के लिए पांच साल का प्रावधान

सांसद राधामोहन सिंह ने परियोजना को चंपारण की विरासत को देश-दुनिया के सामने रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। अब परियोजना के निर्माण के बाद इसके शुरू होने का इंतजार रहेगा। अगर योजना के मुताबिक लाइट एंड साउंड शो शुरू होता है, तो मोतीझील मोतिहारी में पर्यटन का नया आकर्षण बन सकता है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *