नई दिल्ली: मंगलवार की सुबह देश के पूर्वोत्तर हिस्से में धरती के कांपने से लोगों में दहशत फैल गई। असम और मणिपुर में कुछ ही मिनटों के अंतर पर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। इनमें असम के नगांव में आया भूकंप सबसे तेज रहा, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 दर्ज की गई। इसके करीब चार मिनट बाद मणिपुर के तमेंगलोंग में 2.9 तीव्रता का भूकंप आया। सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस होने से कई लोग नींद से जाग गए। कुछ स्थानों पर लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार असम और मणिपुर में भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
असम में 4.5 तीव्रता का भूकंप
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, असम के नगांव में सुबह 4:23:47 बजे भूकंप दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 4.5 थी, जबकि भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 33 किलोमीटर नीचे बताया गया है। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घबरा गए। सुबह का समय होने के कारण अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक कंपन महसूस होने पर कई लोगों की नींद खुल गई और लोग सुरक्षा के लिए बाहर निकल आए। कुछ देर तक लोगों के बीच भूकंप को लेकर चर्चा होती रही। हालांकि कंपन रुकने के बाद स्थिति सामान्य होती गई।
मणिपुर में चार मिनट बाद फिर हिली धरती
असम में भूकंप आने के कुछ ही मिनट बाद मणिपुर के तमेंगलोंग में भी धरती हिली। NCS के मुताबिक यहां भूकंप सुबह 4:27:25 बजे आया। मणिपुर में भूकंप की तीव्रता 2.9 दर्ज की गई और इसका केंद्र करीब 12 किलोमीटर की गहराई में था। कम तीव्रता के बावजूद सुबह के समय झटका महसूस होने से लोगों में कुछ देर के लिए डर का माहौल बन गया।
अफगानिस्तान में भी महसूस हुआ भूकंप
भारत के पूर्वोत्तर हिस्से में आए भूकंप के बाद अफगानिस्तान में भी भूकंप दर्ज किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अफगानिस्तान में सुबह 5:25:10 बजे 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 103 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। इसका केंद्र 36.884 अक्षांश और 68.864 देशांतर पर बताया गया है। अफगानिस्तान पहले भी भूकंप के झटकों का सामना कर चुका है। ऐसे में ताजा कंपन के बाद वहां भी लोगों के बीच चिंता का माहौल देखा गया।
फिलहाल नुकसान की जानकारी नहीं
पूर्वोत्तर भारत में आए दोनों भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।




