Sitamarhi: बिहार के सीतामढ़ी जिले से अंधविश्वास से जुड़ा एक कथित मामला सामने आया है। परिहार प्रखंड के महादेवपट्टी गांव में बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के इलाज के नाम पर उनके साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति बच्चों को पकड़कर झकझोरता और उनके साथ कठोर व्यवहार करता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्थानीय स्तर पर वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान श्रवण भगत के रूप में बताई जा रही है। हालांकि, उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो से जुड़े सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
श्मशान परिसर में बच्चों को लाने का दावा
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर दावा किया जा रहा है कि महादेवपट्टी गांव स्थित श्मशान परिसर में बच्चों को कथित रूप से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत दिलाने के लिए लाया जाता था। बताया जा रहा है कि यह गतिविधि पिछले करीब चार वर्षों से चल रही थी और सप्ताह में दो दिन, सोमवार और शुक्रवार को यहां लोगों की आवाजाही होती थी। हालांकि, चार साल से यह गतिविधि चलने के दावे की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। वायरल वीडियो ने इस पूरे मामले को सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है। वीडियो में बच्चों के साथ किया जा रहा व्यवहार सवालों के घेरे में है।
इलाज के नाम पर अंधविश्वास का आरोप
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि बोलने, चलने अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे बच्चों को चिकित्सा सुविधा दिलाने के बजाय कथित तौर पर तांत्रिक के पास ले जाया जाता था। ऐसे मामलों में विशेषज्ञों की ओर से हमेशा वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है। किसी बच्चे की बीमारी या स्वास्थ्य समस्या को झाड़-फूंक अथवा कथित तांत्रिक प्रक्रिया से ठीक करने का दावा गंभीर चिंता का विषय हो सकता है।
पुलिस पहुंची तो कथित व्यक्ति फरार
मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति वहां से चला गया। अब पुलिस वायरल वीडियो के साथ-साथ स्थानीय लोगों से मिली जानकारी की भी जांच कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि बच्चों को वहां कौन लेकर आता था और उनके साथ वास्तव में किस तरह का व्यवहार किया जाता था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना कब की है और वीडियो में मौजूद व्यक्ति की भूमिका क्या है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठ रहा है। यदि जांच में बच्चों के साथ मारपीट या किसी अन्य प्रकार के अमानवीय व्यवहार की पुष्टि होती है, तो मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान, घटना की पूरी परिस्थितियों और बच्चों को वहां लाए जाने से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।




