Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी मां रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर लेकर उनके पैतृक गांव नेमरा के लिए रवाना हो गए हैं। मोरहाबादी स्थित आवास से सीएम के काफिले के रवाना होने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री के काफिले के पीछे बड़ी संख्या में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ता भी नेमरा के लिए रवाना हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “रूपी सोरेन अमर रहें” के नारे लगाए और अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की।
नेमरा में अंतिम संस्कार की तैयारियां
रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार को लेकर उनके पैतृक गांव नेमरा में पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ आने-जाने वाले लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है।
CM के काफिले के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रवाना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेमरा रवाना होने की खबर के बाद बड़ी संख्या में JMM कार्यकर्ता भी वहां पहुंचने के लिए निकल पड़े। कार्यकर्ताओं में रूपी सोरेन के निधन को लेकर गहरा शोक देखा गया। मोरहाबादी स्थित मुख्यमंत्री आवास से निकलते समय कार्यकर्ता लगातार रूपी सोरेन के सम्मान में नारे लगाते रहे। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों के भी नेमरा पहुंचने की संभावना है।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
अंतिम संस्कार में संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। नेमरा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासन की प्राथमिकता भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की है। स्थानीय स्तर पर भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रूपी सोरेन के निधन से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है। उनके अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव नेमरा में लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।



