Bihar: पटना के जेपी गंगा पथ पर सड़क हादसे के बाद घायल व्यक्ति को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने का मामला सामने आया है। करीब आधे घंटे तक घायल सड़क पर पड़ा रहा। हालत बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय अपनी गश्ती जीप से घायल को पीएमसीएच पहुंचाया। अस्पताल में उसका इलाज शुरू किया गया। घटना के बाद अब आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और हादसे के बाद एंबुलेंस की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सिविल सर्जन ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
तेज रफ्तार वाहन ने मारी टक्कर
मामला आलमगंज थाना क्षेत्र में महावीर घाट के पास जेपी गंगा पथ का बताया जा रहा है। मंगलवार रात फतुहा स्थित आयरन फैक्ट्री में काम करने वाले 40 वर्षीय संदीप ओझा काम खत्म कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सड़क पर घायल पड़े संदीप को देखकर राहगीरों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल की मदद शुरू की।
आधे घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार
पुलिस के पहुंचने के बाद घायल को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का इंतजार किया गया। लेकिन करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान घायल सड़क पर ही पड़ा रहा और उसकी हालत बिगड़ने लगी। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने तत्काल फैसला लिया कि एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय घायल को अपनी गश्ती गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया जाए।
पुलिस जीप में घायल को लेकर पहुंचे PMCH
पुलिसकर्मियों ने गश्ती जीप की बीच वाली सीट खाली कर संदीप को उसमें लिटाया और सीधे पीएमसीएच के लिए रवाना हो गए। अस्पताल पहुंचने के बाद घायल का इलाज शुरू किया गया। बताया गया कि पुलिस घायल को लेकर अस्पताल पहुंच चुकी थी और उसका उपचार शुरू हो गया था। इसके बाद एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची।
परिजनों ने पुलिस की मदद की सराहना की
घटना की जानकारी मिलने के बाद संदीप के पिता देवेंद्र कुमार ओझा भी परिवार के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस मौके पर मौजूद थी और एंबुलेंस का इंतजार किया जा रहा था। काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने घायल को अपनी गश्ती जीप से अस्पताल पहुंचाया। इस तरह समय गंवाने के बजाय पुलिस ने घायल को इलाज तक पहुंचाने की कोशिश की।
एंबुलेंस की देरी पर उठे सवाल
सड़क हादसे के बाद शुरुआती समय घायल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में एंबुलेंस के मौके पर पहुंचने में देरी होने से आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जेपी गंगा पथ जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर हादसों की स्थिति में एंबुलेंस की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। लोगों ने दुर्घटना संभावित स्थानों के आसपास आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और एंबुलेंस की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
सिविल सर्जन ने जांच की बात कही
मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा कि सामान्य तौर पर एंबुलेंस समय पर पहुंचती है। यदि इस मामले में देरी हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि घायल और पुलिसकर्मियों से जानकारी ली जाएगी कि एंबुलेंस के लिए किस समय कॉल किया गया था और किस नंबर या माध्यम से सूचना दी गई थी। एंबुलेंस की लोकेशन और संचालन की ट्रैकिंग की व्यवस्था भी मौजूद है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एंबुलेंस को सूचना मिलने के बाद मौके तक पहुंचने में देरी की वास्तविक वजह क्या रही।
हादसे के बाद बेहतर आपातकालीन व्यवस्था की जरूरत
यह घटना एक बार फिर सड़क दुर्घटनाओं के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता की अहमियत सामने लाती है। पुलिस की ओर से घायल को अस्पताल पहुंचाने की पहल ने उसकी मदद जरूर की, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में प्रशिक्षित मेडिकल टीम और एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता ही बेहतर व्यवस्था मानी जाएगी। पटना में बढ़ते यातायात और व्यस्त सड़कों को देखते हुए दुर्घटना संभावित इलाकों में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत करना जरूरी है, ताकि हादसे के बाद किसी घायल को इलाज के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।



