Ramgarh: झारखंड के रामगढ़ जिले के बरकाकाना क्षेत्र में नवरात्रि के दौरान रूपा देवी की साधना चर्चा का विषय बनी हुई है। पोचरा के झोपड़ी टोला की रहने वाली रूपा देवी पिछले 12 वर्षों से मां दुर्गा की आराधना कर रही हैं। नवरात्रि के दौरान उनकी साधना को देखने के लिए दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लोहे की नुकीली कीलों से बनी सेज पर लेटकर पेट पर कलश धारण करने की उनकी धार्मिक परंपरा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
12 वर्षों से मां दुर्गा की आराधना कर रहीं रूपा देवी
रूपा देवी की साधना के बारे में उनके परिवार ने जानकारी दी है। उनके पति राजेश राम के मुताबिक, वह पिछले 12 वर्षों से लगातार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रही हैं। बीते तीन वर्षों से उन्होंने नवरात्रि के दौरान कीलों से बनी सेज पर साधना करने की परंपरा शुरू की है।नवरात्रि के पावन अवसर पर रूपा देवी पूरी श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की आराधना में लीन रहती हैं। उनकी इस साधना को देखने के लिए प्रतिदिन लोगों की भीड़ जुट रही है। श्रद्धालु उनके दर्शन करने के साथ ही पूजा-अर्चना में भी शामिल हो रहे हैं।
पांच राज्यों से पहुंच रहे श्रद्धालु
रूपा देवी की सास बंदनी देवी ने बताया कि उनकी साधना की चर्चा अब आसपास के क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। माता रानी के जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय बना हुआ है। नवरात्रि के दौरान मंदिर और पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। लोग मां दुर्गा के दर्शन कर अपनी श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी साधना
स्थानीय लोगों के बीच रूपा देवी की साधना को लेकर गहरी आस्था देखने को मिल रही है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी विश्वास के साथ लोग यहां पहुंचकर माता रानी से सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। हालांकि, मनोकामनाएं पूरी होने से जुड़ी बातें श्रद्धालुओं की धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। रूपा देवी की साधना को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
नवरात्रि में चर्चा का विषय बनी रूपा देवी की साधना
नवरात्रि के दौरान रामगढ़ के बरकाकाना क्षेत्र में रूपा देवी की साधना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। 12 वर्षों से मां दुर्गा की आराधना और पिछले तीन वर्षों से कीलों की सेज पर साधना करने की उनकी परंपरा को देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। इस आयोजन में श्रद्धालुओं की भागीदारी क्षेत्र में नवरात्रि के धार्मिक उत्साह को दर्शाती है। वहीं, रूपा देवी की साधना को लेकर लोगों के बीच आस्था और जिज्ञासा दोनों बनी हुई हैं।




