आज शाम खुलेंगे रांची के इन बड़े पंडालों के पट, कहीं बृहदेश्वर मंदिर तो कहीं द्वारिका नगरी के होंगे दर्शन

रांची में दुर्गा पूजा के कई प्रमुख पंडाल आज चतुर्थी की शाम खुलेंगे। बृहदेश्वर मंदिर, द्वारिका नगरी और पाताल लोक की थीम होगी खास आकर्षण।
दुर्गा पूजा पंडाल
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Ranchi: राजधानी रांची में दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। शहर के कई प्रमुख पूजा पंडालों के पट आज शाम चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही भक्त मां दुर्गा के दर्शन कर सकेंगे। इस वर्ष रांची के पूजा पंडालों में देश के प्रसिद्ध मंदिरों, धार्मिक स्थलों और पौराणिक प्रसंगों की आकर्षक झलक देखने को मिलेगी। कहीं दक्षिण भारत के ऐतिहासिक बृहदेश्वर मंदिर की भव्यता नजर आएगी, तो कहीं द्वारिका नगरी और पाताल लोक की थीम श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी।

आमतौर पर दुर्गा पूजा के बड़े पंडाल महासप्तमी से खुलते हैं, लेकिन रांची में कई पूजा समितियां चतुर्थी की शाम से ही दर्शन की व्यवस्था शुरू कर देती हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को भीड़ बढ़ने से पहले विभिन्न पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।

रांची के इन प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों के आज खुलेंगे पट

1. जिला स्कूल मैदान: स्वर्वेद महामंदिर की दिखेगी झलक

अपर बाजार स्थित जिला स्कूल मैदान में श्री रामलला दुर्गा पूजा समिति ने वाराणसी के प्रसिद्ध स्वर्वेद महामंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया है। मंदिर की स्थापत्य शैली से प्रेरित इस पंडाल को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

2. बकरी बाजार: बृहदेश्वर मंदिर की तर्ज पर बना पंडाल

बकरी बाजार स्थित भारतीय युवक संघ का पंडाल इस बार खास आकर्षण का केंद्र रहेगा। यहां दक्षिण भारत के प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर की वास्तुकला को दर्शाने का प्रयास किया गया है। ऐतिहासिक मंदिर की शैली पर आधारित सजावट श्रद्धालुओं को दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला का अनुभव कराएगी।

3. फिरायालाल चौक: द्वारिका नगरी की थीम

मेन रोड पर फिरायालाल चौक के पास चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति ने द्वारिका नगरी और द्वारका मंदिर की थीम पर पंडाल बनाया है। धार्मिक सजावट और भव्य निर्माण के कारण यह पंडाल भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहने वाला है।

4. रेलवे स्टेशन: वामन अवतार और पाताल लोक की झलक

रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा पंडाल में भगवान विष्णु के वामन अवतार और पाताल लोक से जुड़े पौराणिक प्रसंगों को दर्शाया गया है। धार्मिक कथाओं पर आधारित सजावट इस पंडाल को दूसरे पंडालों से अलग पहचान देती है।

इन पंडालों में भी दिखेगी खास धार्मिक सजावट

बांग्ला स्कूल और राजस्थान मित्र मंडल

अपर बाजार स्थित बांग्ला स्कूल पंडाल में कैलाश मंदिर यानी शिला कैलाश की थीम पर मां दुर्गा का दरबार सजाया गया है। यहां की कलात्मक सजावट श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होगी।

वहीं, राजस्थान मित्र मंडल ने भी दुर्गा पूजा को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। शहर के इन प्रमुख पूजा स्थलों पर चतुर्थी की शाम से दर्शन शुरू होने की उम्मीद है।

मोरहाबादी का गीतांजलि क्लब मना रहा 50वां वर्ष

मोरहाबादी स्थित गीतांजलि क्लब दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष अपना 50वां साल मना रही है। इस खास मौके पर वेल्लोर के लक्ष्मी नारायण मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया गया है।

यहां मां दुर्गा की प्रतिमा भी विशेष आकर्षण होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मिट्टी से बनी प्रतिमा पर सुनहरे रंग की स्टील की परत चढ़ाई गई है, जिससे प्रतिमा को अलग स्वरूप दिया गया है।

ग्रामीण परिवेश से लेकर हस्तशिल्प कला तक की झलक

सुभाष चौक: गांव की संस्कृति और हावड़ा ब्रिज का दृश्य

कचहरी रोड स्थित सुभाष चौक के त्रिकोण हवन कुंड पंडाल में ग्रामीण जीवन को दर्शाने की कोशिश की गई है। यहां गांव के दृश्य के साथ बग्गी, पालकी, खेलकूद, डीजल ट्रेन, बाइस्कोप और हावड़ा ब्रिज की झलक देखने को मिलेगी।

इस थीम के जरिए ग्रामीण परिवेश और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ प्रस्तुत किया गया है।

ज्योति संगम: हस्तशिल्प कला पर आधारित पंडाल

अपर बाजार स्थित ज्योति संगम दुर्गा पूजा समिति ने हस्तशिल्प कला को अपनी थीम बनाया है। पंडाल में कलात्मक सजावट और वास्तुकला के अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे। यह थीम पारंपरिक शिल्पकला में रुचि रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए खास हो सकती है।

रांची में दुर्गा पूजा का उत्साह बढ़ने की उम्मीद

चतुर्थी की शाम से प्रमुख पंडालों के पट खुलने के साथ ही राजधानी में दुर्गा पूजा की रौनक और बढ़ जाएगी। अलग-अलग मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित पंडाल इस बार पूजा घूमने वालों के लिए खास आकर्षण बनेंगे। श्रद्धालु अपनी पसंद के अनुसार जिला स्कूल मैदान, बकरी बाजार, फिरायालाल चौक, रेलवे स्टेशन, मोरहाबादी और अपर बाजार के पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन कर सकेंगे। शाम के समय पंडालों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए दर्शन के लिए निकलने से पहले संबंधित पूजा समिति से पट खुलने का समय और स्थानीय यातायात व्यवस्था की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

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