मारासिली जंगल में घायल मिला हाथी का बच्चा, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

गुमला के भरनो स्थित मारासिली जंगल में घायल हाथी के बच्चे को वन विभाग ने रेस्क्यू किया। चिकित्सकों की टीम उसका इलाज कर रही है।
वन विभाग ने किया रेस्क्यू
Advertisement

Basia (Gumla): झारखंड के गुमला जिले में वन विभाग की टीम ने मारासिली जंगल से घायल हाथी के एक बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। जंगल में गश्त के दौरान वनकर्मियों की नजर शावक पर पड़ी। इसके बाद वनपाल शेखर कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित निकालकर बसिया स्थित वन कार्यालय लाया गया। फिलहाल शावक का इलाज चल रहा है।

22 हाथियों के झुंड से बिछड़ गया था शावक

जानकारी के अनुसार, बसिया, कामडारा और पालकोट प्रखंड के जंगलों में पिछले कई दिनों से करीब 22 हाथियों का झुंड घूम रहा है। इस झुंड में कई छोटे हाथी भी शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि घायल शावक इसी झुंड से बिछड़ गया था। जंगल में अकेले घायल अवस्था में मिले शावक को वन विभाग की टीम ने बिना देर किए अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद उसे बसिया स्थित वन कार्यालय पहुंचाया गया, जहां उसके उपचार की व्यवस्था की गई।

चिकित्सकों की टीम कर रही इलाज

वन कार्यालय में शावक का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है। चिकित्सकों की विशेष टीम उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर रही है। वनकर्मी भी उसकी गतिविधियों और सेहत पर लगातार नजर रख रहे हैं। वन विभाग की प्राथमिकता शावक को स्वस्थ करना और उसे दोबारा उसके हाथियों के झुंड से मिलाना है। अधिकारियों के मुताबिक, उसकी हालत सामान्य होने के बाद उसे झुंड के पास ले जाने की कोशिश की जाएगी।

झुंड ने नहीं अपनाया तो पलामू भेजने पर विचार

वन विभाग की टीम शावक को झुंड के पास पहुंचाने के बाद यह देखेगी कि दूसरे हाथी उसे स्वीकार करते हैं या नहीं। यदि झुंड उसे अपना लेता है, तो उसे वहीं छोड़ दिया जाएगा। हालांकि, अगर हाथियों का झुंड उसे स्वीकार नहीं करता है, तो उसकी सुरक्षा और देखभाल को ध्यान में रखते हुए उसे पलामू के जंगलों में भेजने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल वन विभाग की टीम घायल हाथी के बच्चे के इलाज और देखभाल में जुटी है। उसकी सेहत में सुधार होने के बाद ही उसे जंगल में वापस छोड़ने को लेकर अगला फैसला लिया जाएगा।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.