Jamshedpur: शहर में नवरात्र के दौरान आयोजित डांडिया और गरबा कार्यक्रमों में कथित तौर पर नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। हिंदू जन जागरण मंच ने देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाने और आपत्तिजनक गाने चलाने की शिकायत करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। मंच के अध्यक्ष अमित कुमार शर्मा ने गुरुवार को धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
रात 10 बजे के बाद DJ बजाने का आरोप
हिंदू जन जागरण मंच के अध्यक्ष अमित कुमार शर्मा का आरोप है कि शहर के कुछ व्यावसायिक डांडिया और गरबा कार्यक्रमों में निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं किया गया। मंच के मुताबिक, कई स्थानों पर रात 10 बजे के बाद भी तेज आवाज में डीजे बजाया गया। कुछ कार्यक्रमों में देर रात तक आयोजन जारी रहने और आपत्तिजनक गाने चलाए जाने की शिकायतें भी मिली हैं। मंच का कहना है कि तेज आवाज के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान प्रशासन के निर्देशों और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करें।
दोषी आयोजकों के खिलाफ FIR की मांग
मंच ने धालभूम एसडीओ को सौंपे ज्ञापन में पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जांच में नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होने पर संबंधित आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके साथ ही मंच ने प्रशासन के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं:
- देर रात तक डीजे बजाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
- भविष्य में कार्यक्रमों की अनुमति देने से पहले आयोजकों के पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा की जाए।
- बार-बार नियम तोड़ने वाले आयोजकों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जाए।
धार्मिक आयोजनों की मर्यादा बनाए रखने पर जोर
अमित कुमार शर्मा ने कहा कि डांडिया और गरबा जैसे कार्यक्रम धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े हैं। इसलिए आयोजकों को इनकी गरिमा बनाए रखने के साथ प्रशासन के दिशा-निर्देशों का भी पालन करना चाहिए। मंच ने प्रशासन से शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। हालांकि, संबंधित आयोजकों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि और प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।




