Patna: बिहार में राजस्व विभाग से जुड़े एक मामले में पटना सदर के तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का फैसला लिया गया है। अधिकारी पर बाजार मूल्य करीब 1.25 करोड़ रुपये बताई गई चार कट्ठा जमीन अपनी दूसरी पत्नी सुनीता सिंह के नाम मात्र 25 लाख रुपये में रजिस्ट्री कराने सहित पांच गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों में पद के कथित दुरुपयोग, पहचान छिपाने के लिए दूसरे नाम का इस्तेमाल करने और जमीन से जुड़े एक मामले में नियमों की अनदेखी करने के दावे भी शामिल हैं। हालांकि, अधिकारी ने अपने जवाब में सभी आरोपों से इनकार किया है।
जमीन की रजिस्ट्री को लेकर क्या है आरोप?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह जब पटना सदर में DCLR के पद पर तैनात थे, तब उनके खिलाफ कई शिकायतें सामने आई थीं। आरोप है कि उन्होंने अपने एक फैसले के बदले अपनी दूसरी पत्नी के नाम पर चार कट्ठा जमीन की रजिस्ट्री कराई। इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 1.25 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि रजिस्ट्री 25 लाख रुपये में कराए जाने का आरोप है। विभागीय आरोपों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी ने सरकारी कामकाज और जमीन की डीड रजिस्ट्री से जुड़े वित्तीय लेनदेन में अपने आधिकारिक नाम कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह के बजाय संजय कुमार सिंह नाम का इस्तेमाल किया। आरोप है कि ऐसा पहचान छिपाने के उद्देश्य से किया गया। इन दावों की पुष्टि विभागीय जांच में होने वाले निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।
DCLR पर पांच गंभीर आरोप
कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह के खिलाफ दर्ज आरोपों में प्रमुख रूप से ये बातें शामिल हैं:
- कम कीमत पर जमीन की रजिस्ट्री: करीब 1.25 करोड़ रुपये बाजार मूल्य बताई गई चार कट्ठा जमीन 25 लाख रुपये में दूसरी पत्नी के नाम कराने का आरोप।
- दूसरे नाम का इस्तेमाल: सरकारी कामकाज और डीड रजिस्ट्री में आधिकारिक नाम के बजाय संजय कुमार सिंह नाम उपयोग करने का आरोप।
- पद के दुरुपयोग का आरोप: DCLR रहते हुए भू-माफिया से कथित मिलीभगत कर निजी लाभ लेने का दावा।
- जमीन विवाद में आदेश: केस संख्या 66/2014-15 में सभी पक्षों को नोटिस दिए बिना और साक्ष्यों पर पर्याप्त ध्यान दिए बिना अमर पासवान के पक्ष में आदेश पारित करने का आरोप।
- सरकारी जमीन से जुड़ा मामला: सरकारी भूमि के अवैध लगान निर्धारण में संलिप्तता का आरोप।
ये सभी विभागीय आरोप हैं। इन पर अंतिम निष्कर्ष जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
DM की रिपोर्ट के बाद विभाग ने शुरू की कार्रवाई
मामले में पटना के जिलाधिकारी ने 27 जून 2026 को आरोप पत्र तैयार कर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को उपलब्ध कराया था। इसके बाद विभाग ने 7 अगस्त 2026 को कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग से अनुशंसा की। जानकारी के मुताबिक, अधिकारी से 2 सितंबर 2026 को आरोपों पर जवाब मांगा गया था। उन्होंने अपने जवाब में सभी आरोपों का खंडन किया। लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद मामले में अनुशासनिक कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया।
मुख्य जांच आयुक्त को मिली जिम्मेदारी
विभागीय कार्रवाई के तहत बिहार के मुख्य जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। अब जांच के दौरान आरोपों, संबंधित दस्तावेजों और अधिकारी के पक्ष को परखा जाएगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल बांका में पदस्थापित हैं अधिकारी
पटना सदर के तत्कालीन DCLR कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह वर्तमान में बांका जिले में वरीय उप समाहर्ता के पद पर पदस्थापित हैं। उनके खिलाफ यह मामला जमीन की रजिस्ट्री, सरकारी आदेश और कथित पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों के कारण चर्चा में है। फिलहाल आरोपों पर विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़नी है और अधिकारी ने सभी आरोपों को गलत बताया है।



