Giridih: लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर झारखंड में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने बुधवार को गिरिडीह के विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों की साफ-सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को समय रहते सभी जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया, ताकि व्रतियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान कल्पना सोरेन के साथ दिवंगत नेता सुदिव्य कुमार की पत्नी श्वेता शर्मा भी मौजूद रहीं। दौरे के दौरान कल्पना सोरेन सेनादोनी और लेदा समेत कई इलाकों में पहुंचीं। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
सेनादोनी छठ घाट पर दिवंगत नेता को याद कर भावुक हुईं कल्पना सोरेन
गिरिडीह दौरे के दौरान सेनादोनी छठ घाट पर एक भावुक पल भी देखने को मिला। स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए कल्पना सोरेन ने पिछले एक साल में झामुमो और गिरिडीह को हुए नुकसान का जिक्र किया। दिवंगत नेता को याद करते हुए वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि जिले ने एक ऐसे व्यक्ति को खोया है, जो लोगों के लिए नेता होने के साथ परिवार के सदस्य की तरह भी था। इस कठिन समय में जनता का साथ, स्नेह और संवेदनाएं उनके परिवार तथा पार्टी के लिए बड़ी ताकत हैं। इस दौरान मौजूद लोगों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। राजनीतिक और सामाजिक जीवन में किसी जनप्रतिनिधि के इस तरह के संवाद को जनता से जुड़ाव के तौर पर देखा जाता है।
लेदा छठ घाट पर सफाई और सौंदर्यीकरण पर जोर
सेनादोनी छठ घाट का निरीक्षण करने के बाद कल्पना सोरेन का काफिला लेदा छठ घाट पहुंचा। यहां उन्होंने घाट की स्थिति का जायजा लिया और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। छठ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाशयों और घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में साफ-सफाई, सुरक्षित पहुंच मार्ग और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए अहम होता है। कल्पना सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि घाटों पर मौजूद कमियों को समय रहते दूर किया जाए, ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो। उन्होंने घाटों के सौंदर्यीकरण और आसपास की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया।
डीसी और एसपी समेत कई अधिकारी रहे मौजूद
कल्पना सोरेन के निरीक्षण कार्यक्रम में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। इनमें उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, उप विकास आयुक्त स्मिता कुमारी और एसडीओ धीरेंद्र कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भी विभिन्न स्थानों की स्थिति का जायजा लिया। छठ जैसे बड़े पर्व पर प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। घाटों पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, सफाई और आवागमन की व्यवस्था सुचारु रखना जरूरी होता है।
तेलोडीह से चरपोका तक कई इलाकों का दौरा
गिरिडीह प्रवास के दौरान कल्पना सोरेन ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्थानों का दौरा किया। उनके निरीक्षण कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ये इलाके शामिल रहे:
- तेलोडीह
- कोवाड मोड़
- पहाड़पुर
- कुरूमडीहा
- सेनादोनी
- लेदा
- चरपोका
इन इलाकों में उन्होंने छठ घाटों की स्थिति देखने के साथ स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी बातचीत की। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं। कल्पना सोरेन ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रयास किए जाएंगे।
छठ पर्व की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट
छठ झारखंड के प्रमुख लोक आस्था के पर्वों में से एक है। इस दौरान श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं। पर्व के महत्व को देखते हुए घाटों की सफाई, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा और रास्तों की मरम्मत जैसी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करना जरूरी है। कल्पना सोरेन का गिरिडीह दौरा इसी तैयारी के बीच अहम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के बाद अब प्रशासन के सामने घाटों की व्यवस्था समय पर दुरुस्त करने की जिम्मेदारी है, ताकि व्रती और श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में छठ पर्व मना सकें।




