Palamu: लोक कलाकार और व्यास शिव कुमार चौधरी के निधन की खबर से पलामू के कला और सांस्कृतिक जगत में शोक का माहौल है। निधन की सूचना मिलने के बाद पलामू सांसद वीडी राम समेत कई लोग पंजरी कला स्थित उनके आवास पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इस दौरान ग्रामीणों ने दिवंगत लोक कलाकार की स्मृति में गांव में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित कराने की मांग सांसद के सामने रखी। सांसद वीडी राम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि श्रद्धाकर्म पूरा होने के बाद प्रतिमा स्थापित कराने की दिशा में तत्काल पहल की जाएगी।
पंजरी कला पहुंचकर सांसद ने परिजनों को दी सांत्वना
शिव कुमार चौधरी के निधन की सूचना मिलने पर सांसद वीडी राम, जिला सांसद प्रतिनिधि विजय ओझा, पलामू जिला लोक कला मंच के अध्यक्ष शिशिर कुमार शुक्ला, ईश्वरी पांडेय समेत कई लोग पंजरी कला पहुंचे। सांसद ने परिजनों से मुलाकात की और दुख की इस घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बातचीत के दौरान कहा कि शिव कुमार चौधरी ने अपनी कला के जरिए क्षेत्र की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने रखी आदमकद प्रतिमा की मांग
ग्रामीणों का कहना था कि शिव कुमार चौधरी ने पारंपरिक लोक गायन को लंबे समय तक जीवंत बनाए रखा। गांव और आसपास होने वाले सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। ऐसे में उनकी स्मृति को स्थायी रूप से संजोने के लिए गांव में आदमकद प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को भी उनके योगदान के बारे में जानने और लोक कला के संरक्षण की प्रेरणा मिलेगी।
सांसद ने दिया तत्काल पहल का भरोसा
ग्रामीणों की मांग पर सांसद वीडी राम ने कहा कि श्रद्धाकर्म संपन्न होने के बाद प्रतिमा स्थापित कराने की दिशा में पहल की जाएगी। सांसद के आश्वासन के बाद ग्रामीणों में खुशी देखी गई। लोगों ने इसे दिवंगत कलाकार के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि के रूप में देखा। मौके पर जितेंद्र चंद्रा, अनुज पांडेय, नंदलाल चौधरी, शंभु चौधरी, जागबलि चौधरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
लोक गायन के जरिए पलामू को दिलाई पहचान
पलामू जिला लोक कला मंच के अध्यक्ष और आकाशवाणी-दूरदर्शन के कलाकार शिशिर कुमार शुक्ला ने भी प्रतिमा स्थापित कराने की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि व्यास शिव कुमार चौधरी केवल लोक कलाकार ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने गायन के माध्यम से पलामू की लोक संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया। उन्होंने दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में अपनी प्रस्तुतियां दीं। शिशिर कुमार शुक्ला के अनुसार, शिव कुमार चौधरी आकाशवाणी पटना के बी-हाई ग्रेड कलाकार रहे थे। उन्होंने दुगोला, रामायण, महाभारत, चैता-चैती और होली गायन जैसी लोक विधाओं के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी प्रतिमा
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में लोक कलाकार की प्रतिमा स्थापित होने से उनकी कला और योगदान की स्मृति लंबे समय तक बनी रहेगी। साथ ही इससे क्षेत्र के युवाओं को लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के लिए प्रेरणा मिल सकती है। शिव कुमार चौधरी के निधन से पलामू के ग्रामीण और कला जगत में शोक है। अब ग्रामीणों को सांसद के आश्वासन के बाद प्रतिमा स्थापित होने की पहल शुरू होने का इंतजार है।




