New Delhi: संसद मार्ग इलाके में एसआईआर के विरोध के दौरान एसीपी विवेक भगत पर छेड़खानी का आरोप लगाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, पत्रकार बनकर एसीपी पर आरोप लगाने वाली युवती के दावे जांच में फर्जी पाए गए हैं। पुलिस ने इस पूरे मामले को दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने की कथित साजिश से जोड़ते हुए जांच की जानकारी साझा की है। दिल्ली पुलिस की ज्वाइंट सीपी नूपुर प्रसाद के अनुसार, जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस का मानना है कि एसीपी विवेक भगत को निशाना बनाकर एक सुनियोजित साजिश की गई। हालांकि, मामले से जुड़े सभी तथ्यों और पुलिस के दावों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
संसद मार्ग प्रदर्शन के दौरान लगा था आरोप
पिछले दिनों एसआईआर के विरोध में संसद मार्ग इलाके में प्रदर्शन हुआ था। इसी दौरान एक युवती ने खुद को पत्रकार बताते हुए एसीपी विवेक भगत पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। आरोप लगाए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की।
दिल्ली पुलिस ने साजिश का किया दावा
ज्वाइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने दावा किया कि मामले के पीछे दिल्ली पुलिस को बदनाम करने की साजिश थी। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आए तथ्यों से युवती के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर यह पूरा घटनाक्रम किस योजना के तहत हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
जुलाई के प्रदर्शन का भी किया जिक्र
पुलिस अधिकारी के अनुसार, एसीपी विवेक भगत इससे पहले जुलाई में हुए एक प्रदर्शन के दौरान भी प्रदर्शनकारियों के निशाने पर आए थे। पुलिस का दावा है कि उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया था और उनके साथ गंभीर मारपीट की गई थी। ज्वाइंट सीपी ने इसी पुराने घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि एसीपी पहले से ही कुछ प्रदर्शनकारियों के निशाने पर थे। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों और पुलिस के दावों का विस्तृत आधार जांच के रिकॉर्ड से स्पष्ट होगा।
जांच के बाद सामने आएगा पूरा सच
दिल्ली पुलिस अब इस मामले में उपलब्ध वीडियो, घटनाक्रम और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवती की पहचान और पत्रकार होने के दावे से जुड़े तथ्य क्या हैं तथा आरोप लगाने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था। फिलहाल पुलिस ने इसे फर्जी आरोप और साजिश का मामला बताया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।




