Sahibganj: झारखंड के साहिबगंज में पतना-हिरणपुर सड़क निर्माण में कथित अनियमितता और गुणवत्ता में कमी के मामले में पथ निर्माण विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद विभाग ने तीन अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, इस परियोजना से जुड़े सेवानिवृत्त कनीय अभियंता राम दयाल मंडल के खिलाफ भी कार्रवाई का आदेश दिया गया है। यह मामला पतना-हिरणपुर सड़क के 0 से 17.50 किलोमीटर तक के निर्माण कार्य से जुड़ा है। सड़क निर्माण में गड़बड़ी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतों के बाद विभाग ने जांच कराई थी। जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अभियंताओं की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
पतना-हिरणपुर सड़क मामले में तीन अभियंता निलंबित
पथ निर्माण विभाग की कार्रवाई के तहत साहिबगंज पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार को निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत कार्रवाई की गई है ।इसके अलावा राजमहल पथ अवर प्रमंडल में तैनात सहायक अभियंता रामजीवन पासवान और राजमहल पथ प्रशाखा के कनीय अभियंता शत्रुध्न प्रसाद राय को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने यह कदम सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों और जांच रिपोर्ट में सामने आए प्रथम दृष्टया तथ्यों के आधार पर उठाया है।
सेवानिवृत्त अभियंता पर भी होगी कार्रवाई
इस मामले में बरहरवा-1 पथ प्रशाखा के कनीय अभियंता राम दयाल मंडल की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में उनके खिलाफ सामान्य निलंबन की जगह झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार विभागीय प्रक्रिया अपनाई जाती है। राम दयाल मंडल के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी इसी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
निलंबित अभियंताओं का मुख्यालय रांची निर्धारित
पथ निर्माण विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अभियंताओं को मिलने वाली सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया है।
आदेश के अनुसार:
- निलंबन अवधि में अभियंताओं को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
- उनका मुख्यालय रांची स्थित पथ निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (यातायात) का कार्यालय निर्धारित किया गया है।
- मामले में आगे की कार्रवाई विभागीय नियमों के तहत की जाएगी।
सक्षम स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद सरकार के संयुक्त सचिव ने निलंबन और मुख्यालय निर्धारण से संबंधित आदेश जारी किया है।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर विभाग की सख्ती
पतना-हिरणपुर सड़क का मामला सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था से जुड़ा है। सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों का पालन और अधिकारियों की जिम्मेदारी किसी भी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण होती है। शिकायतों के बाद जांच कराकर कार्रवाई शुरू करना इस बात का संकेत है कि विभाग मामले को गंभीरता से ले रहा है। हालांकि, फिलहाल संबंधित अभियंताओं के खिलाफ प्रथम दृष्टया अनियमितता के आधार पर कार्रवाई की गई है। उनके विरुद्ध अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।



