Ranchi: राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में मसाज के नाम पर बुलाकर मारपीट, लूट और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पुरानी रांची निवासी मो. नसीम को मसाज के बहाने बुलाया गया, जिसके बाद उसके साथ मारपीट कर 46 हजार रुपये नकद और सोने की चेन लूट ली गई। इतना ही नहीं, कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया और 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
पुलिस ने तकनीकी सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सानिया प्रवीण, मो. हैदर और मो. वसीम उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया है। इनके पास से रंगदारी मांगने के लिए इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
25 सितंबर को दर्ज हुई थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को पुरानी रांची निवासी मो. नसीम ने नामकुम थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मसाज कराने के बहाने एक स्थान पर बुलाया गया था। वहां पहुंचने के बाद उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि इसी दौरान उनके पास मौजूद 46 हजार रुपये नकद और सोने की चेन छीन ली गई। मामला यहीं नहीं रुका। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर उनका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर 5 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की।
SSP के निर्देश पर बनी पुलिस टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सानिया प्रवीण, मो. हैदर और मो. वसीम उर्फ छोटू के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, इन्हीं मोबाइल फोन का इस्तेमाल कथित तौर पर रंगदारी मांगने में किया गया था।
पूछताछ में घटना में संलिप्तता की बात
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि आरोपी कथित तौर पर एक गिरोह के रूप में काम करते थे। जांच में यह बात सामने आने की बात कही गई है कि गिरोह के सदस्य लोगों को मसाज के बहाने बुलाते थे। इसके बाद उनके साथ मारपीट या लूटपाट करने और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप है।
पुलिस खंगाल रही पुराने मामलों का रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरह की घटना पहले भी किसी अन्य व्यक्ति के साथ हुई है या नहीं। साथ ही, गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इससे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है। फिलहाल नामकुम पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ शिकायत में लगाए गए मारपीट, लूट और ब्लैकमेल कर रंगदारी मांगने के आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।




