Ramgarh: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पैतृक गांव नेमरा में दिवंगत माता रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म के सातवें दिन पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया। इस दौरान उन्होंने परिवार की परंपराओं के अनुसार दातून, पानी और भोजन परोसने की रस्में निभाईं। इस भावुक अवसर पर परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीण भी मौजूद रहे।
नेमरा में मां की स्मृति में निभाईं पारंपरिक रस्में
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म के सिलसिले में नेमरा स्थित पैतृक आवास पर पारंपरिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। श्राद्ध कर्म के सातवें दिन उन्होंने स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार विभिन्न रस्में पूरी कीं। इस दौरान दातून, पानी और भोजन परोसने की परंपरा निभाई गई। परिवार की परंपराओं में इन रस्मों का विशेष महत्व माना जाता है। मुख्यमंत्री ने पूरी श्रद्धा के साथ इन परंपराओं का पालन किया।
परिवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में संपन्न हुआ अनुष्ठान
श्राद्ध कर्म के दौरान परिवार के सदस्य और गांव के लोग भी उपस्थित रहे। मां की स्मृति से जुड़े इस अवसर पर माहौल भावुक रहा। उपस्थित लोगों ने पारिवारिक परंपराओं के अनुसार आयोजित रस्मों में सहभागिता की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए यह अवसर अपनी मां को श्रद्धांजलि देने और परिवार की परंपराओं का निर्वहन करने से जुड़ा रहा।
परंपराओं के अनुसार जारी हैं श्राद्ध कर्म के अनुष्ठान
झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में श्राद्ध कर्म के दौरान परिवार की परंपराओं और स्थानीय रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है। नेमरा में भी रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म के तहत परंपरागत रस्में निभाई जा रही हैं। इस दौरान परिवार और ग्रामीणों की मौजूदगी पारिवारिक और सामाजिक सहभागिता को दर्शाती है।
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