Sasaram: रोहतास जिले के सासाराम में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने अभियान बसेरा-2 के तहत भूमिहीन और गरीब परिवारों को जमीन देने के मुद्दे पर समाहरणालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट को बंद कर धरना दिया और प्रशासन से पर्चाधारियों को जमीन पर वास्तविक कब्जा दिलाने की मांग की। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने 5 डिसमिल जमीन की मांग और कथित कब्जे के मामलों को लेकर भी विरोध जताया।
अभियान बसेरा-2 में गड़बड़ी का आरोप
प्रदर्शन कर रहे भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अभियान बसेरा के तहत पहले जिन गरीब परिवारों को जमीन का पर्चा दिया गया था, उन्हें निर्धारित जमीन का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। उनका दावा है कि कुछ पर्चाधारियों को 5 डिसमिल के बजाय केवल 1 डिसमिल जमीन दिए जाने की स्थिति सामने आई है। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं। प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी।
पर्चा मिलने के बाद भी कब्जे का इंतजार
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई परिवारों को जमीन आवंटन का पर्चा मिलने के बावजूद उन्हें संबंधित भूखंड पर वास्तविक कब्जा नहीं दिलाया गया है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर दबंग लोगों ने इन जमीनों पर कब्जा कर रखा है। माले कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि पर्चाधारियों की जमीन की मौके पर जांच कराई जाए और पात्र लाभुकों को उनकी आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज की जाए।
एडीएम की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सासाराम के एडीएम की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठाए और मामले में कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से गरीब परिवारों की शिकायतों का समाधान करने और जमीन से जुड़े मामलों में प्रभावी कदम उठाने की मांग रखी। इस दौरान अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
अभियान बसेरा-2 का उद्देश्य क्या है?
अभियान बसेरा-2 बिहार सरकार की ऐसी पहल है, जिसके तहत पात्र वासभूमिहीन परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। हाल की सरकारी प्रक्रिया और विभिन्न जिलों की रिपोर्टों में पात्र परिवारों को आम तौर पर 3 से 5 डिसमिल तक जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उल्लेख मिलता है। सासाराम में प्रदर्शन के दौरान माले कार्यकर्ताओं ने इसी योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और पात्र लाभुकों को जमीन पर वास्तविक अधिकार दिलाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
- पात्र पर्चाधारियों को आवंटित जमीन पर कब्जा दिलाया जाए।
- जमीन आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच हो।
- गरीब परिवारों को निर्धारित भूमि का लाभ मिले।
- दबंगों के कथित कब्जे से पर्चाधारियों की जमीन मुक्त कराई जाए।
- जमीन से जुड़े मामलों में प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई हो।
फिलहाल सासाराम में हुए इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से मामले पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर बनी हुई है।




