- प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार, 7 सितंबर 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक से जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने दिल्ली, पश्चिम बंगाल और झारखंड में कुल सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें रांची से जुड़ा एक ठिकाना भी शामिल है।
रांची/नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार, को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक से जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने दिल्ली, पश्चिम बंगाल और झारखंड में कुल सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें रांची से जुड़ा एक ठिकाना भी शामिल है। यह कार्रवाई कथित संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और उर्दू अखबार अखबार-ए-मशरिक से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की जा रही है।
ED की इस कार्रवाई के बाद झारखंड, खासकर रांची में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसी की टीमें सोमवार सुबह अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और संबंधित परिसरों में दस्तावेजों तथा अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
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दिल्ली से रांची तक सात ठिकानों पर तलाशी
मिली जानकारी के अनुसार ED ने नदीमुल हक से जुड़े सात परिसरों को तलाशी के लिए चिन्हित किया। इनमें दिल्ली और कोलकाता के अलावा रांची के ठिकाने भी शामिल हैं। एजेंसी की कार्रवाई एक साथ कई स्थानों पर चलाए जाने से मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है।
जांच एजेंसी के अधिकारियों की ओर से तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए बरामदगी को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।
अखबार-ए-मशरिक से जुड़ा है मामला
ED की जांच का संबंध अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड से बताया जा रहा है। यह एक उर्दू दैनिक समाचार पत्र है और नदीमुल हक इस मामले में जांच के दायरे में हैं। एजेंसी कथित तौर पर अखबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन और फंड के स्रोतों की जांच कर रही है।
रिपोर्टों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का उल्लेख है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ED की जांच या तलाशी अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करती। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
सांसद को तलाशती रही ED की टीम
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ED की टीम ने नदीमुल हक से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली, लेकिन कार्रवाई के दौरान एजेंसी उन्हें तत्काल ट्रेस नहीं कर सकी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आगे उनसे पूछताछ किस तरीके से होगी और जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई क्या होगी।
ED की कार्रवाई जारी रहने के दौरान संबंधित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था भी रखी गई। तलाशी अभियान में केंद्रीय एजेंसी की टीमों के साथ स्थानीय स्तर पर आवश्यक सहयोग लिया गया।
रांची में कार्रवाई से बढ़ी राजनीतिक हलचल
रांची में ED की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई। हालांकि नदीमुल हक पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन जांच की कड़ी रांची तक पहुंचने के कारण झारखंड में भी इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक नजरें टिक गई हैं।
मामले में अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि रांची स्थित परिसर से जांच एजेंसी को क्या जानकारी मिली है। आधिकारिक तौर पर बरामद दस्तावेजों या अन्य सामग्री का पूरा विवरण सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
PMLA के तहत जांच
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। ED ऐसे मामलों में कथित अवैध धन के स्रोत, उसके लेनदेन और उससे जुड़े लोगों या संस्थाओं की वित्तीय गतिविधियों की जांच करती है।
इस मामले में भी एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड और कथित लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और वित्तीय जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल ED की तलाशी और जांच प्रक्रिया जारी है। सबसे महत्वपूर्ण जानकारी तलाशी पूरी होने के बाद सामने आएगी। एजेंसी की ओर से अगर कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाता है या बरामदगी और जांच के अगले चरण को लेकर जानकारी दी जाती है, तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
रांची समेत सात स्थानों पर हुई इस कार्रवाई ने मामले को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बना दिया है। हालांकि, जब तक जांच एजेंसी की ओर से आरोपों और सबूतों को लेकर अंतिम जानकारी सामने नहीं आती, तब तक पूरे मामले को जांच के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और जांच के अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है।

