West Singhbhum : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक दांतेल हाथी का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मझगांव प्रखंड की बेनीसागर पंचायत अंतर्गत खड़पोस के पास तिलोकुटी गांव में शुक्रवार सुबह हाथी ने दो लोगों को कुचलकर मार डाला। मृतकों में बेनीसागर निवासी 40 वर्षीय प्रकाश मालवा और एक बच्चा शामिल है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमले के बाद बच्चे का शव हाथी के दांत में फंस गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
ग्रामीणों के अनुसार, बीते 48 घंटे हाथी शांत था, लेकिन अब उसने फिर से उत्पात शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि पिछले 9 दिनों में इसी हाथी के हमले में कुल 21 लोगों की जान जा चुकी है। वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम हाथी की तलाश में जुटी है, हालांकि अब तक उसका सटीक लोकेशन नहीं मिल पाया है। खोज अभियान में पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा, जमशेदपुर के दलमा और ओडिशा वाइल्डलाइफ की टीमों का सहयोग भी लिया जा रहा है। रात के समय कैम्प से जंगल में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों से अलग-अलग सूचनाएं मिलने के कारण लोकेशन वेरिफिकेशन में समय लग रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 1 जनवरी से यह हाथी रिहायशी इलाकों में घुसकर रात के वक्त लोगों पर हमला कर रहा है। अधिकतर घटनाएं तब हुईं, जब लोग घरों में सो रहे थे। अधिकारियों ने साफ किया कि जैसे ही हाथी की पुख्ता लोकेशन मिलेगी, उसे ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित क्षेत्र में शिफ्ट किया जाएगा।
इस बीच, झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक आशुतोष उपाध्याय और क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक स्मिता पंकज ने चाईबासा पहुंचकर प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और वनकर्मियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय रखने और वन सुरक्षा समितियों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए। वहीं देर रात गुजरात स्थित वनतारा के हाथी विशेषज्ञ को लेकर डीएफओ आदिय नारायण हाट गम्हरिया कैम्प पहुंचे। इधर, ग्रामीणों ने रात में गश्ती बढ़ाने और चेतावनी प्रणाली मजबूत करने की मांग की है ताकि आगे कोई और हादसा न हो।

