- बिहार में मानसून के बीच बाढ़ की स्थिति एक बार फिर गंभीर होती दिखाई दे रही है। राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से अलग-अलग जिलों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
Bihar: बिहार में मानसून के बीच बाढ़ की स्थिति एक बार फिर गंभीर होती दिखाई दे रही है। राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से अलग-अलग जिलों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा जैसी नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर या उसके आसपास बह रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों पर दिखाई दे रहा है।
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राहत और बचाव के लिए टीमें तैनात
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के संवेदनशील इलाकों में 33 रेस्क्यू टीमें, जिनमें एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें शामिल हैं, तैनात की गई हैं। इसके अलावा लगभग 700 सरकारी नावों को भी राहत और लोगों की आवाजाही के लिए लगाया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की जा रही है।
सारण में गांवों पर पानी का असर
सारण जिले में गंगा, सरयू और गंडक के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कुछ जगहों पर सामान्य सड़क संपर्क प्रभावित होने के कारण नावों को आवागमन का प्रमुख साधन बनाना पड़ा है। स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता घरों के आसपास पानी जमा होना, पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित आवागमन की है।
प्रशासन की बढ़ी निगरानी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है। प्रशासन को तटबंधों की लगातार निगरानी और जरूरतमंद लोगों तक समय पर राहत सामग्री पहुंचाने पर जोर दिया गया है। आने वाले दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से नदी और बाढ़ के पानी के पास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की जा रही है। फिलहाल बिहार के कई इलाकों में बाढ़ और बारिश दोनों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है।

