Tehran : अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान ने पहली बार स्पष्ट किया है कि वह किन शर्तों पर युद्ध समाप्त करने को तैयार है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि अगर उनकी तीन प्रमुख शर्तें मान ली जाती हैं, तो तेहरान जंग खत्म करने के लिए तैयार है।
ईरान की तीन मुख्य शर्तें
राष्ट्रपति पेजेशकियन के मुताबिक युद्ध समाप्त करने के लिए:
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ईरान के “वैध अधिकारों” को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जाए।
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युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई (मुआवजा) दी जाए।
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भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ ठोस अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गारंटी दी जाए।
उन्होंने कहा कि इन शर्तों को मानने पर ही अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष समाप्त हो सकता है।
सोशल मीडिया पर दिया बयान
पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने क्षेत्र में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत “जायोनी शासन और अमेरिका” की कार्रवाइयों से हुई है।
युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार इस संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है, इसलिए यहां तनाव बढ़ने से ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और महंगाई का खतरा बढ़ गया है।
कैसे शुरू हुआ संघर्ष
रिपोर्टों के मुताबिक यह संघर्ष 28 फरवरी को उस समय शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त “एहतियाती हमला” किया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
इसके अलावा जॉर्डन, इराक और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव तेजी से बढ़ गया।
फिलहाल यह युद्ध दूसरे सप्ताह में पहुंच चुका है और तनाव कम होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। ईरान का कहना है कि वह क्षेत्र में शांति चाहता है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार देशों को जवाबदेह ठहराना जरूरी है।

