- अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने 39 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ उनका दो दशक से ज्यादा लंबा शानदार सफर खत्म हो गया।
ब्यूनस आयर्स: अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने 39 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 31 अगस्त को मेसी ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। इसके साथ ही अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ उनका दो दशक से ज्यादा लंबा शानदार सफर खत्म हो गया।
भावुक संदेश के साथ लिया फैसला
मेसी ने अपने संदेश में कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद भावुक और तकलीफदेह है, लेकिन अब उन्हें लगता है कि राष्ट्रीय टीम से विदा लेने का सही समय आ गया है। उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी में खेलने को अपने लिए गर्व की बात बताया और कहा कि उन्होंने देश के लिए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।
207 मैच और 125 गोल का रिकॉर्ड
मेसी ने 2005 में अर्जेंटीना की सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने राष्ट्रीय टीम की ओर से 207 मैच खेले और 125 गोल किए, जिससे वह अर्जेंटीना के सबसे ज्यादा मैच खेलने और सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने।
विश्व कप जीत ने बदली कहानी
अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती वर्षों में मेसी को अर्जेंटीना के साथ कई बड़े फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि 2021 में उन्होंने अर्जेंटीना को कोपा अमेरिका जिताया और 2022 में कतर विश्व कप जीतकर अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की। 2024 में भी उनकी कप्तानी में अर्जेंटीना ने कोपा अमेरिका का खिताब अपने नाम किया।
2026 विश्व कप रहा आखिरी टूर्नामेंट
2026 विश्व कप मेसी का अर्जेंटीना के साथ आखिरी बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट रहा। अर्जेंटीना फाइनल तक पहुंचा, जहां उसे स्पेन के खिलाफ 0-1 की अतिरिक्त समय की हार झेलनी पड़ी। इसके बाद मेसी ने अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त करने का फैसला किया।
क्लब फुटबॉल में जारी रहेगा सफर
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के बावजूद मेसी ने क्लब फुटबॉल को अलविदा नहीं कहा है। वह इंटर मियामी के लिए खेलना जारी रखेंगे और उनका मौजूदा करार 2028 MLS सीजन के अंत तक है।
अर्जेंटीना के लिए एक युग का अंत
मेसी के संन्यास के साथ अर्जेंटीना फुटबॉल के एक ऐतिहासिक अध्याय का अंत हो गया है। विश्व कप विजेता कप्तान, रिकॉर्ड गोलस्कोरर और देश के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी के रूप में मेसी की विरासत लंबे समय तक याद की जाएगी।



