Ranchi : झारखंड में कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर अब लगाम लगने जा रही है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को ‘झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2025’ को स्वीकृति दे दी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा तैयार यह विधेयक 26 अगस्त को विधानसभा के मानसून सत्र में पारित हुआ था। अब मंजूरी के बाद राज्य में कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण, नियंत्रण, विनियमन और न्यूनतम मानकों का रास्ता साफ हो गया है।
इस कानून का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों द्वारा ली जा रही मनमानी फीस और भ्रामक दावों पर भी रोक लगाने की तैयारी है।
क्या-क्या हुआ अनिवार्य?
1) हर 1000 छात्रों पर 1 मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर
कानून के तहत हर 1000 छात्रों पर कम से कम एक मेंटल हेल्थ काउंसलर नियुक्त करना होगा।
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साल में कम से कम 200 दिन मुफ्त काउंसलिंग देनी होगी
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काउंसलर का पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा
2) कोचिंग का समय तय: सुबह 6 से रात 9 बजे तक
कोचिंग संस्थान केवल सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही चल सकेंगे।
3) जेंडर-विशेष बुनियादी सुविधाएं जरूरी
छात्रों के लिए जेंडर-स्पेसिफिक बेसिक फैसिलिटी देना अनिवार्य किया गया है।
4) फीस स्ट्रक्चर और रिफंड पॉलिसी सार्वजनिक करनी होगी
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फीस स्ट्रक्चर नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा
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वेबसाइट पर एग्जिट और रिफंड पॉलिसी स्पष्ट रूप से प्रकाशित करनी होगी
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साइनबोर्ड पर “Registered Coaching Center” लिखना जरूरी होगा
5) भ्रामक विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई
रैंक, मार्क्स या सफलता दर को लेकर गलत/भ्रामक दावा करने पर कार्रवाई होगी।
सफल छात्रों के परिणाम प्रकाशित करने के लिए:
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संस्थान को अपना आईडी, कोर्स डिटेल देना होगा
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छात्र की लिखित सहमति अनिवार्य होगी
6) 16+ उम्र के छात्रों का पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
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16 साल से अधिक उम्र के हर छात्र का वेब पोर्टल पर पंजीकरण होगा
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छात्र को यूनिक आईडी दी जाएगी
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फुल-टाइम/पार्ट-टाइम शिक्षकों का भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा
7) बैंक गारंटी भी जरूरी
सुरक्षा के लिहाज से कोचिंग संस्थानों को क्षेत्र के अनुसार बैंक गारंटी देनी होगी:
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नगर निगम क्षेत्र: ₹5 लाख
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नगर परिषद/अधिसूचित क्षेत्र: ₹1 लाख
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अन्य क्षेत्र: ₹50 हजार
8) शिकायत निवारण और भारी जुर्माना
छात्र, अभिभावक, शिक्षक या कर्मचारी नियामक समिति में शिकायत कर सकेंगे।
उल्लंघन पर दंड:
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पहली बार: ₹5 लाख तक जुर्माना
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दूसरी बार: ₹10 लाख तक जुर्माना
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इसके बाद: पंजीकरण रद्द/ब्लैकलिस्ट
रद्द/ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी संचालन पर कानूनी कार्रवाई होगी।

