Purnia: प्रधानमंत्री आवास योजना में दोहरा लाभ लेने के मामलों पर बिहार में प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। पूर्णिया जिले में ऐसे 18 परिवारों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर पहले प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) या किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ लिया और बाद में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत भी सहायता प्राप्त की। जिला प्रशासन ने संबंधित मामलों की जांच कर नियमानुसार राशि की वसूली करने का निर्देश दिया है। हालांकि, चिह्नित परिवारों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई जांच में दोहरा लाभ लेने की पुष्टि होने के बाद की जाएगी।
PM Awas Yojana में दोहरा लाभ लेने पर कार्रवाई
पूर्णिया जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के पांच प्रखंडों में 18 ऐसे परिवारों की पहचान की गई है, जिनके आवास योजना का दोबारा लाभ लेने की आशंका है। जिलाधिकारी सह समाहर्ता अंशुल कुमार के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों को जांच और वसूली की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी आवास योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचे और एक ही परिवार को नियमों के विरुद्ध दो बार सहायता न मिले।
इन पांच प्रखंडों में चिह्नित हुए 18 परिवार
पूर्णिया जिले के निम्नलिखित पांच प्रखंडों में कथित दोहरे लाभ के मामले सामने आए हैं:
- धमदाहा
- डगरूआ
- केनगर
- भवानीपुर
- श्रीनगर
संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को चिह्नित परिवारों को नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया है। नोटिस के माध्यम से लाभुकों से पहले मिली सरकारी सहायता और आवास योजना से जुड़े दस्तावेज मांगे जाएंगे।
नोटिस के बाद होगी दस्तावेजों की जांच
प्रशासन की कार्रवाई के तहत सबसे पहले लाभुकों से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाएगी। अधिकारियों को यह पता लगाना होगा कि परिवार को पहले किस आवास योजना के तहत सहायता मिली थी और बाद में उसे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ किस आधार पर दिया गया। यदि सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों से दोहरा लाभ लेने की पुष्टि होती है, तो संबंधित परिवार से नियमानुसार सरकारी राशि की वसूली की जाएगी। जांच और कार्रवाई पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट जिला अभिकरण कार्यालय, पूर्णिया को सौंपनी होगी। फिलहाल, सभी 18 मामलों में जांच की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी, जिसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
किन परिवारों को नहीं मिलता दोबारा आवास योजना का लाभ?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पात्रता नियमों के तहत पहले से सरकारी आवास सहायता प्राप्त कर चुके परिवारों की पात्रता की जांच की जाती है। जिन परिवारों को नियमों के अनुसार पहले ही पक्का मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता मिल चुकी है, वे सामान्यतः दोबारा उसी उद्देश्य के लिए सहायता पाने के पात्र नहीं होते। इसके अलावा, योजना के निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार पहले से पक्का मकान रखने वाले परिवार भी अपात्र हो सकते हैं। हालांकि, किसी परिवार की पात्रता का अंतिम निर्धारण लागू नियमों और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जाता है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद क्या होगा?
पूर्णिया में चिह्नित 18 परिवारों के मामलों में अब नोटिस, दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि जांच में नियमों के विरुद्ध दोहरा लाभ लेने की पुष्टि होती है, तो सरकारी राशि वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित परिवारों को पहले किस योजना से सहायता मिली थी और क्या दूसरी बार लाभ लेना नियमों के अनुरूप था। फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच पूरी होने के बाद ही प्रत्येक मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।



