Panjab: फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कैंपस में 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड कर दी गई हैं। साथ ही मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। परीक्षा की नई तारीखों की जानकारी छात्रों को यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम (UMS) के माध्यम से दी जाएगी। यह पूरा मामला हॉस्टल में एक छात्रा के साथ कथित यौन अपराध की सूचना के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस में ऐसी किसी घटना के दावे को अफवाह बताया है।
10 दिन तक बंद रहेंगी नियमित कक्षाएं
LPU प्रशासन ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए सोमवार से अगले 10 दिनों तक नियमित कक्षाएं स्थगित रखने का फैसला किया है। मिड-टर्म परीक्षाओं को भी फिलहाल टाल दिया गया है। परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम बाद में UMS के जरिए छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन ने छात्रों को मौजूदा परिस्थितियों में शांति बनाए रखने और किसी भी गैर-जरूरी गतिविधि से दूर रहने की अपील की है।
छात्रों को घर जाने की अनुमति
विश्वविद्यालय ने छात्रों को अपने माता-पिता या अभिभावकों से सलाह के बाद 10 दिनों की अवधि में घर लौटने की अनुमति दी है। जो छात्र कैंपस में रह रहे हैं, उन्हें अपनी सुरक्षा के मद्देनजर हॉस्टल या निर्धारित आवास के भीतर रहने की सलाह दी गई है। आपात स्थिति को छोड़कर बाहर नहीं निकलने को कहा गया है।
कथित घटना के बाद कैंपस में शुरू हुआ प्रदर्शन
पुलिस के अनुसार, करीब तीन दिन पहले G-3 हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा को लेकर कथित यौन अपराध की सूचना सामने आई थी। इसके बाद रविवार को बड़ी संख्या में छात्र विरोध प्रदर्शन के लिए बाहर आए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मामले में पुलिस कार्रवाई और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रों की ओर से यह दावा भी किया गया कि घटना के बाद छात्रा अपने घर चली गई, लेकिन तत्काल पुलिस कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, LPU प्रशासन ने कैंपस में रेप की घटना के दावों को खारिज किया है और इन्हें अफवाह बताया है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट होगी।
प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं
रविवार के प्रदर्शन के दौरान कैंपस में तोड़फोड़ और कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की जानकारी सामने आई। बड़ी संख्या में छात्रों ने नारेबाजी करते हुए जालंधर-फगवाड़ा हाईवे को भी जाम कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की भारी तैनाती की गई। FIR दर्ज होने के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन वापस ले लिया। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच के लिए SIT का गठन भी किया गया है।
DGP ने कहा- CCTV फुटेज का किया जा रहा विश्लेषण
पंजाब के DGP गौरव यादव ने बताया कि 26-27 सितंबर की रात कैंपस से जुड़ी कुछ घटनाओं को लेकर अफवाहें फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र बाहर आए थे। इसके बाद तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं और गेट के एक हिस्से में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। DGP के मुताबिक पुलिस ने कम से कम बल का इस्तेमाल करने की नीति अपनाई। उन्होंने बताया कि पुलिस वाहन पर पथराव सहित हिंसा की घटनाओं की भी जांच की जा रही है। CCTV फुटेज का तकनीकी और वैज्ञानिक विश्लेषण कर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
G-3 हॉस्टल और आसपास के CCTV की जांच
DIG जालंधर रेंज नवीन सिंगला के मुताबिक, छात्रों से मिली जानकारी और उनके बयानों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस के पास कथित पीड़िता की पहचान से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है। जांच के दौरान G-3 हॉस्टल और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़े लोगों की गतिविधियों और आवाजाही की जानकारी जुटाई जाएगी। अभी तक किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर चिन्हित किए जाने की जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
कैंपस के सभी गेट पर पुलिस बल तैनात
SP (जांच) हरिंदर गिल ने बताया कि रविवार रात के बाद स्थिति शांत है और फिलहाल कोई नया विरोध या हिंसा नहीं हुई है। छात्रों के कैंपस से बाहर जाने के मद्देनजर विश्वविद्यालय के सभी गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल LPU प्रशासन ने पढ़ाई स्थगित करने के साथ छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, पुलिस कथित घटना और रविवार को हुई हिंसा, दोनों पहलुओं की अलग-अलग जांच कर रही है।




