दुर्गा पूजा के बाद रांची की हवा खराब, AQI 163 पर पहुंचा; सांस के मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

Ranchi AQI 163 पर पहुंच गया है। दुर्गा पूजा के बाद रांची में वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी बढ़ सकती है।
रांची प्रदूषण
Advertisement

Ranchi: दुर्गा पूजा और विजयदशमी के बाद राजधानी रांची की हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। त्योहार के दौरान वाहनों की बढ़ती आवाजाही और आतिशबाजी के कारण वायु प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। 21 अक्टूबर को रांची का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 163 दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले के मुकाबले 22 अंक अधिक है। पिछले 10 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि शहर का AQI लगातार 141 से 167 के बीच बना हुआ है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

रांची में 10 दिनों से खराब हवा, जानिए AQI का हाल

रांची में अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। 12 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक AQI में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन हवा की गुणवत्ता में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ।

पिछले 10 दिनों में रांची का AQI इस प्रकार रहा:

  • 12 अक्टूबर: 151
  • 13 अक्टूबर: 160
  • 14 अक्टूबर: 164
  • 15 अक्टूबर: 167
  • 16 अक्टूबर: 152
  • 17 अक्टूबर: 160
  • 18 अक्टूबर: 158
  • 19 अक्टूबर: 150
  • 20 अक्टूबर: 141
  • 21 अक्टूबर: 163

आंकड़ों के अनुसार, 15 अक्टूबर को AQI 167 के साथ इस अवधि का सबसे ऊंचा स्तर दर्ज किया गया। 20 अक्टूबर को प्रदूषण का स्तर घटकर 141 पर आया था, लेकिन अगले ही दिन इसमें फिर 22 अंकों की बढ़ोतरी हो गई। इससे साफ है कि शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार बना हुआ है।

AQI 163 का क्या मतलब है?

वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI हवा में मौजूद प्रदूषकों के स्तर को समझने का एक पैमाना है। भारत में AQI को छह श्रेणियों में बांटा गया है। 101 से 200 के बीच का स्तर ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। इस लिहाज से रांची का AQI 163 मध्यम श्रेणी में है। हालांकि, इस स्तर पर भी संवेदनशील लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। प्रदूषण का वास्तविक प्रभाव हवा में मौजूद धूल, धुएं और अन्य प्रदूषकों के प्रकार के साथ-साथ किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर भी निर्भर करता है।

सांस, दिल और फेफड़ों के मरीज रखें विशेष सावधानी

खराब वायु गुणवत्ता का असर उन लोगों पर अधिक पड़ सकता है, जिन्हें पहले से अस्थमा, फेफड़ों या हृदय संबंधी बीमारी है। प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से खांसी, गले में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

बच्चों और बुजुर्गों को भी प्रदूषण के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे में लोगों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • धूल और धुएं वाले स्थानों पर लंबे समय तक रहने से बचें।
  • सड़क किनारे अधिक प्रदूषण वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से समय न बिताएं।
  • सांस की बीमारी से पीड़ित लोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार अपनी दवाएं लेते रहें।
  • प्रदूषण अधिक होने पर बाहर की गतिविधियों को सीमित रखें।
  • जरूरत पड़ने पर बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला, सही फिटिंग का मास्क इस्तेमाल करें।

आतिशबाजी और वाहनों से बढ़ सकता है प्रदूषण

दुर्गा पूजा के दौरान रांची के विभिन्न पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। इस दौरान सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने से धुआं और प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो सकते हैं। विजयदशमी और प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई आतिशबाजी भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले संभावित कारणों में शामिल है। हालांकि, केवल इन गतिविधियों के आधार पर प्रदूषण बढ़ने का सटीक कारण तय नहीं किया जा सकता। इसके लिए मौसम, हवा की गति, धूल और प्रदूषकों के स्रोतों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण जरूरी है।

सिगरेट के धुएं से प्रदूषण की तुलना पर क्या कहता है अनुमान?

रांची की हवा में प्रदूषण के प्रभाव को समझाने के लिए एक अनुमान में इसकी तुलना प्रतिदिन करीब 2.4 सिगरेट पीने से होने वाले धुएं के संपर्क से की गई है। हालांकि, इस तरह की तुलना केवल सांकेतिक होती है। इसे वास्तविक सिगरेट सेवन या किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य जोखिम का सटीक माप नहीं माना जाना चाहिए। फिलहाल, रांची में AQI का 150 के आसपास या उससे ऊपर बने रहना वायु गुणवत्ता में सुधार की जरूरत को रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर कितना कम होता है, यह मौसम की स्थिति और प्रदूषण के स्रोतों पर भी निर्भर करेगा। शहरवासियों को फिलहाल सावधानी बरतने और वायु गुणवत्ता के ताजा आंकड़ों पर नजर रखने की जरूरत है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *