Ranchi : राजधानी रांची में हाल के दिनों में हुई लूट की घटनाओं के पीछे बिहार के कटिहार जिले का कुख्यात कोढ़ा गैंग सामने आया है। बरियातू इलाके में सात दिन पहले हुई लूट के बाद पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि इस गैंग में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं, जिन्हें गैंग की भाषा में “बबलियां” कहा जाता है, भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
सदर थाना पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते हैं। लूट के बाद वे तुरंत शहर छोड़ देते हैं और दूसरे राज्य में जाकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसी बाइक का नंबर हासिल कर उसे अपनी बाइक में लगा लेते हैं। इसके बाद उसी फर्जी नंबर प्लेट के सहारे नई जगह पर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।
महिलाओं की अहम भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया है कि लूट के बाद सोने-चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान महिलाओं को सौंप दिया जाता है। ये महिलाएं सीधे गांव पहुंचकर सामान की बिक्री करवाती हैं। बिक्री से मिलने वाली रकम में उन्हें अलग से हिस्सा दिया जाता है, जिससे गैंग का नेटवर्क सुरक्षित बना रहता है।
पूरा गांव गैंग के प्रभाव में
रांची पुलिस के मुताबिक, कटिहार के जुराबगंज गांव की आबादी करीब तीन हजार है और गांव के अधिकतर लोग किसी न किसी रूप में इस गैंग से जुड़े हैं। गैंग के सदस्य साल में सिर्फ कुछ महीने ही गांव में रहते हैं, बाकी समय अलग-अलग राज्यों में लूटपाट करते हैं।
महाराष्ट्र में छिपे होने की सूचना
हाल ही में सीसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी से दिनदहाड़े हुई लूट के बाद आरोपी फरार हो गए। सूचना है कि गैंग के सदस्य फिलहाल महाराष्ट्र में छिपे हुए हैं। सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि जल्द ही पुलिस की विशेष टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र रवाना होगी।
पुलिस ने छापेमारी कर लाखों रुपये के जेवरात बरामद किए हैं और मामले की जांच लगातार जारी है।

