Saharsa Gold Smuggling: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित बागडोगरा में पुलिस ने सोने की तस्करी के एक कथित मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एयरपोर्ट मोड़ के पास नाकेबंदी के दौरान एक ब्लैक फॉर्च्यूनर से 465 ग्राम सोना बरामद किया है। जब्त सोने की कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में बिहार के सहरसा निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों युवक सिलीगुड़ी से सोने की खेप लेकर सड़क मार्ग से सहरसा लौट रहे थे। तलाशी के दौरान वाहन में विशेष रूप से बनाया गया एक गुप्त चैंबर मिला, जिसमें सोने के बिस्कुट छिपाकर रखे गए थे। पुलिस अब सोने के स्रोत और कथित तस्करी नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है।
गुप्त सूचना पर एयरपोर्ट मोड़ के पास रोकी गई फॉर्च्यूनर
बागडोगरा थाना पुलिस को एक संदिग्ध वाहन के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने एयरपोर्ट मोड़ के समीप नाकेबंदी कर ब्लैक फॉर्च्यूनर (BR 19 T 0005) को रोक लिया। वाहन की सामान्य तलाशी के बाद पुलिस को उसके अंदर एक ऐसा हिस्सा मिला, जिसे कथित तौर पर सोना छिपाने के लिए तैयार किया गया था। गुप्त चैंबर की जांच करने पर उसमें सोने के बिस्कुट बरामद हुए। पुलिस ने बरामद सोने से संबंधित दस्तावेज दोनों युवकों से मांगे, लेकिन वे कथित तौर पर वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने सोना और वाहन जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
सहरसा के दो युवकों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान सावन कुमार और रमन कुमार के रूप में हुई है। दोनों सहरसा के रहने वाले बताए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों के सिलीगुड़ी से सोने की खेप लेकर सहरसा जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि, सोना कहां से आया था और इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था, इसका स्पष्ट पता लगाने के लिए पुलिस आगे की जांच कर रही है।
फॉर्च्यूनर सहरसा के कारोबारी के नाम पर
पुलिस और परिवहन विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जब्त फॉर्च्यूनर सहरसा के स्वर्ण कारोबारी सोनू कुमार सोनी के नाम से पंजीकृत है। वाहन के मालिक और गिरफ्तार युवकों के बीच क्या संबंध है, इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन का इस्तेमाल इससे पहले भी किसी संदिग्ध गतिविधि में किया गया था या नहीं।
सिलीगुड़ी से सहरसा तक कथित नेटवर्क की जांच
इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच अब केवल बरामद सोने तक सीमित नहीं है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सोने की खेप का वास्तविक स्रोत क्या था और इसे सहरसा पहुंचाने के पीछे कौन लोग सक्रिय थे। स्थानीय सूत्रों के हवाले से सिलीगुड़ी और नेपाल सीमा क्षेत्र से कथित तौर पर सोना लाकर सहरसा और मधेपुरा की सराफा मंडियों तक पहुंचाए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस कथित नेटवर्क की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस संभावित सिंडिकेट, उसके संचालकों और अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
अदालत में पेश किए जाएंगे दोनों आरोपी
बागडोगरा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। दोनों को सिलीगुड़ी महकमा अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच और पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड की मांग कर सकती है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान सोने की खेप के स्रोत, संभावित खरीदार और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।




