Nalanda: बिहार के नालंदा जिले में दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित भगवती जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बिहारशरीफ समेत जिले के अलग-अलग इलाकों के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान भोजपुरी के कथित अश्लील गानों पर बार बालाओं से डांस कराया गया। मामला सामने आने के बाद कार्यक्रमों के आयोजन और अनुमति की शर्तों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नालंदा के एसपी हृदय कांत ने वायरल वीडियो की जांच के आदेश दिए हैं।
भगवती जागरण के नाम पर डांस का दावा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
जानकारी के अनुसार, दुर्गा पूजा के दौरान नालंदा जिले के कई स्थानों पर भगवती जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। अब इन कार्यक्रमों से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि धार्मिक आयोजन के नाम पर भोजपुरी गानों पर बार बालाओं से डांस कराया गया। इसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है और आयोजकों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो वास्तव में नालंदा के किन स्थानों के हैं और क्या वे इसी वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित कार्यक्रमों के हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम होने पर भी उठे सवाल
मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि संबंधित कार्यक्रमों में पुलिसकर्मियों की तैनाती थी, तो कथित आपत्तिजनक गतिविधियों को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। बताया जा रहा है कि जिले के कुछ स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। हालांकि, वायरल वीडियो और कार्यक्रमों की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अनुमति की शर्तों का उल्लंघन हुआ तो हो सकती है कार्रवाई
धार्मिक जागरण और सार्वजनिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए निर्धारित नियमों और अनुमति की शर्तों का पालन करना जरूरी होता है। यदि जांच में किसी आयोजन के दौरान शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित आयोजकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
ऐसे में पुलिस जांच के दौरान कार्यक्रमों की पहचान, उनके आयोजन की तारीख, स्थान और अनुमति से जुड़े तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
SP हृदय कांत ने दिए जांच के आदेश
नालंदा के एसपी हृदय कांत ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में वीडियो इसी वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित कार्यक्रमों से संबंधित पाए जाते हैं, तो मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस वीडियो की सत्यता और उनसे जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो किन कार्यक्रमों के हैं और क्या आयोजन के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ था।



