BRICS सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सख्ती, कई रास्तों पर डायवर्जन और नो-पार्किंग लागू

दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक BRICS सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेंगे। Google Maps और Mappls पर लाइव रूट अपडेट मिलेंगे।
BRICS सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सख्ती
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कई देशों के प्रतिनिधियों और वीवीआईपी मेहमानों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया है।

सम्मेलन के दौरान वीवीआईपी काफिलों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के साथ आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने रूट की जानकारी जरूर जांच लें और संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।

Google Maps और Mappls पर मिलेगा ट्रैफिक का लाइव अपडेट

BRICS सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव की जानकारी वाहन चालकों तक आसानी से पहुंचाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने Google Maps और Mappls के साथ समन्वय किया है। ट्रैफिक पुलिस के एडिशनल सीपी (ट्रैफिक) दिनेश कुमार गुप्ता के मुताबिक, डायवर्जन, प्रतिबंधित रास्तों और वैकल्पिक रूट से जुड़ी जानकारी नेविगेशन ऐप्स पर अपडेट की जाएगी। इससे वाहन चालकों को रास्ते में अचानक लगने वाले प्रतिबंधों की जानकारी मिल सकेगी।

यदि कोई वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र की तरफ बढ़ता है, तो नेविगेशन सिस्टम उपलब्ध वैकल्पिक रास्ते की ओर मार्गदर्शन कर सकता है। ऐसे में दिल्ली में सफर करने वालों के लिए यात्रा शुरू करने से पहले Google Maps या Mappls पर रूट चेक करना उपयोगी रहेगा।

प्रतिबंधित इलाकों में कैब और टैक्सी की आवाजाही पर रोक

BRICS सम्मेलन के मद्देनजर नई दिल्ली के संवेदनशील और प्रतिबंधित इलाकों में कैब तथा टैक्सी सेवाओं को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने Ola, Uber, Rapido और Bharat Taxi जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। सम्मेलन के दौरान निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्रों में कैब और टैक्सियों के पिक-अप और ड्रॉप की अनुमति नहीं होगी। कैब कंपनियों को अपने ऐप में इन इलाकों को जियो-फेंस करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों के बाहर निर्धारित स्थानों पर ही बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट्स पर रहेगी निगरानी

ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में 22 प्रमुख डायवर्जन जंक्शन चिन्हित किए गए हैं। इनमें कई ऐसे स्थान शामिल हैं जहां सामान्य दिनों में भी वाहनों का दबाव अधिक रहता है।

प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट्स में शामिल हैं:

  • आईटीओ
  • मंडी हाउस
  • पटेल चौक
  • जनपथ-कनॉट प्लेस आउटर सर्किल
  • गोल डाकखाना
  • तीन मूर्ति मार्ग

इन स्थानों पर जरूरत के अनुसार वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित या डायवर्ट किया जाएगा।

35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर सामान्य वाहनों की एंट्री सीमित

सम्मेलन के दौरान 35 से अधिक महत्वपूर्ण सड़कों और कॉरिडोर पर सामान्य निजी एवं व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी। इनमें सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, अकबर रोड, तिलक मार्ग, मथुरा रोड, जनपथ और सी-हेक्सागन जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं।

इन नियंत्रित कॉरिडोर में मुख्य रूप से अधिकृत पास वाले वाहन, वीवीआईपी काफिले और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। ट्रैफिक पुलिस की कोशिश होगी कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ शहर की सामान्य आवाजाही भी पूरी तरह बाधित न हो।

200 मीटर के दायरे में नो-पार्किंग

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नियंत्रित सड़कों के आसपास पार्किंग पर भी सख्ती रहेगी। निर्धारित कॉरिडोर के 200 मीटर के दायरे में वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी।

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, प्रतिबंधित क्षेत्र में गलत तरीके से खड़े किए गए वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें क्रेन की मदद से हटाया जाएगा। इसलिए सम्मेलन के दौरान लोगों को सड़क किनारे वाहन खड़ा करने से बचने की सलाह दी गई है।

भारी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक

BRICS सम्मेलन के दौरान दिल्ली की सीमाओं से गुजरने वाले ऐसे भारी मालवाहक वाहनों पर भी प्रतिबंध रहेगा, जिनका दिल्ली में कोई निर्धारित गंतव्य नहीं है। यह व्यवस्था 11 से 13 सितंबर तक लागू रहेगी।

इस कदम का उद्देश्य राजधानी की प्रमुख सड़कों पर अनावश्यक भारी ट्रैफिक को कम करना और वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखना है।

एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए खुला रहेगा रास्ता

सुरक्षा प्रतिबंधों के बावजूद आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य जरूरी आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए 24 घंटे निर्बाध कॉरिडोर उपलब्ध रखने की व्यवस्था की गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन के दौरान दिल्ली पुलिस के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में आम नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहेगा। ट्रैफिक नियमों और पुलिस की एडवाइजरी का पालन करके लोग अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बना सकते हैं।

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