Patna: बिहार की राजधानी पटना में सोमवार, 28 सितंबर को अलग-अलग मांगों को लेकर कई प्रदर्शन हुए। गांधी मैदान से निकले आक्रोश मार्च में किसान, मजदूर, छात्र और विभिन्न जनसंगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़े, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। इसी दिन बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) के छात्रों ने भी परीक्षा और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने परीक्षा परिणाम समेत कई मुद्दे उठाए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार छात्रों ने बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के फेल होने का दावा किया है, लेकिन 95 प्रतिशत फेल होने के आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गांधी मैदान से निकला आक्रोश मार्च
गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से प्रदर्शनकारियों ने मार्च शुरू किया। इसमें AISF, CPI, AIKF समेत विभिन्न वामपंथी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ किसान, खेत मजदूर और अन्य समूह शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के पोस्टर और बैनर पर बाढ़-सूखा के स्थायी समाधान, बाढ़ पीड़ितों को राहत, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए। कुछ संगठनों की ओर से योजना व संविदा कर्मियों के नियमितीकरण तथा मजदूरों के न्यूनतम मानदेय जैसे मुद्दे भी सामने रखे गए।
जेपी गोलंबर और डाकबंगला पर बढ़ी पुलिस की तैनाती
मार्च के आगे बढ़ने के साथ जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस के साथ उनकी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। मौके पर पुरुषों के साथ महिला प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस द्वारा ले जाते हुए देखा गया।
वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर रहे मौजूद
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने डाकबंगला और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया। रिपोर्टों के मुताबिक पटना SSP कार्तिकेय शर्मा, सिटी एसपी वेस्ट संकेत कुमार और सिटी एसपी ईस्ट शैलजा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। यातायात व्यवस्था को सामान्य रखने के लिए भी पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई।
पुलिस से बहस और हिरासत के बीच बढ़ा तनाव
प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। SDPO कामख्या नारायण सिंह के साथ प्रदर्शनकारियों की नोकझोंक की बात सामने आई है। स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। अलग-अलग रिपोर्टों में बैरिकेड तोड़े जाने और इसके बाद धक्का-मुक्की का भी उल्लेख है।
महिला के हाथ में दिखा कील लगा बांस
प्रदर्शन के दौरान एक महिला के हाथ में कील लगा बांस भी नजर आया। महिला ने दावा किया कि उसने यह बांस पुलिसकर्मियों के पास से लिया था और सवाल उठाया कि यदि ऐसा बांस किसी प्रदर्शनकारी को लग जाता तो क्या होता। हालांकि, इस बांस को लेकर महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया भी उपलब्ध नहीं है।
BUHS छात्रों ने परीक्षा परिणाम को लेकर उठाई आवाज
इधर, बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के छात्रों ने परीक्षा और परिणाम से जुड़े मुद्दों को लेकर अलग प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को परीक्षा में असफल घोषित किया गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा परिणाम की समीक्षा और अपनी शिकायतों के समाधान की मांग की। छात्रों की ओर से करीब 95 प्रतिशत विद्यार्थियों के फेल होने का दावा किया गया, लेकिन इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। BUHS की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा कार्यक्रम और रिजल्ट से संबंधित पोर्टल उपलब्ध है।
एक दिन में कई मुद्दों पर प्रदर्शन से पटना में बढ़ी हलचल
सोमवार को पटना में अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शन के कारण गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे समेत कई इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ी रही। प्रदर्शनकारियों की मांगों में बाढ़-सूखा, रोजगार, मजदूर अधिकार, शिक्षा और चुनाव से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। वहीं, स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के छात्रों ने परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक व्यवस्था से संबंधित समस्याओं को उठाया। पुलिस-प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।




