Patna: बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर मतदान के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भाजपा पर फर्जी मतदाता जोड़कर चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, फर्जी मतदाताओं और चुनाव में गड़बड़ी के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव के नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित किए जाने हैं।
तेजस्वी यादव ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि बिहार के चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची में कथित तौर पर फर्जी नाम जोड़कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। तेजस्वी के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र बिहार के 16 जिलों में फैले हैं और इनमें कुल 40,253 मतदाता हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मतदाताओं की संख्या सीमित है, तब भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं।
भाजपाई वोट चोरों को वोट चोरी की ऐसी लत लग चुकी है कि अब ये बिहार में हो रहे 4 शिक्षक तथा 4 स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी फ़र्जी वोट जुड़वा कर हेर-फेर करना चाहते है।
16 जिलों में फैले 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मात्र 40,253 मतदाता है लेकिन उसमें में भी इन्होंने फर्जी मतदाता जुड़वा दिए। इनकी बेईमानी और ठगी का अंत होगा क्योंकि जनता अब लोकतंत्र के इन हत्यारों की ठगी और डकैती समझ चुकी है।
चुनाव आयोग और वोट चोरी की बैसाखी के सहारे सत्ता में बैठे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जी की चालाकियां देश पहचान चुका है।
शिक्षक तथा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में फ़र्जी मतदाता जोड़ने की कहानी आप भी पढ़िये।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) October 23, 2026
पीएम मोदी और अमित शाह पर भी साधा निशाना
आरजेडी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग के माध्यम से वोट चोरी करने की कोशिश का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग या भाजपा की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मामले में लगाए गए आरोपों को जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के आधार पर ही परखा जा सकेगा।
Also Read: अब जमानत याचिका पर 2 महीने में करना होगा फैसला, पटना हाईकोर्ट ने जारी की नई SOP- PRATAH NEWZ
आरजेडी कार्यालय पहुंचकर मतदान की जानकारी ली
शुक्रवार दोपहर तेजस्वी यादव पटना स्थित आरजेडी प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी नेताओं से बातचीत की और विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की स्थिति की जानकारी ली। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर सत्ता पक्ष के उम्मीदवारों के समर्थन में काम करने का आरोप भी लगाया। तेजस्वी ने कुछ स्थानों पर धीमी वोटिंग और कथित फर्जी मतदान की शिकायतें मिलने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही, उन्होंने सभी आठ सीटों पर विपक्षी उम्मीदवारों की जीत की उम्मीद जताई।
बिहार की आठ सीटों पर हो रहा चुनाव
बिहार विधान परिषद के इस चुनाव में चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र:
- पटना
- सारण
- तिरहुत
- दरभंगा
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र:
- पटना
- कोसी
- तिरहुत
- दरभंगा
इन सीटों पर मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि किस दल के उम्मीदवारों को जीत मिलती है।
आरजेडी ने सात सीटों पर उतारे उम्मीदवार
इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में उसका मुकाबला सहयोगी कांग्रेस के उम्मीदवारों से भी है। वहीं, एनडीए और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में आठों सीटों पर मुकाबला राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जा रहा है।
मतगणना पर टिकी राजनीतिक दलों की नजर
बिहार MLC चुनाव में मतदान के दौरान लगाए गए आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब सभी दलों की नजर 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर है। हालांकि, फर्जी मतदान या मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। चुनाव परिणाम से यह स्पष्ट होगा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं ने किसे अपना समर्थन दिया है।



