Gayaji: बिहार के गया जिले में गया-नवादा NH-82 पर गुरुवार को हुए सड़क हादसे में बाइक सवार रणजीत चौहान की मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक पर मौजूद मुंहबोले मामा लालजीत चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा वजीरगंज थाना क्षेत्र के खिरियावां मोड़ के पास हुआ। घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे व कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। प्रशासन की ओर से सरकारी सहायता का आश्वासन मिलने के बाद जाम हटाया गया।
खिरियावां मोड़ के पास कैसे हुआ हादसा?
मृतक की पहचान मानपुर प्रखंड के बुनियादगंज थाना क्षेत्र स्थित जहाना उसरी गांव निवासी रणजीत चौहान के रूप में हुई है। वह सुरेश चौहान के बेटे थे। हादसे में उनके मुंहबोले मामा लालजीत चौहान भी घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, रणजीत गुरुवार सुबह करीब 9 बजे लालजीत चौहान के साथ बाइक से निकले थे। दोनों गया से नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र के भीखनपुरा गांव में परिवार से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान खिरियावां मोड़ के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खिरियावां की ओर से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद दोनों सड़क पर गिर गए। इसी दौरान रणजीत मुख्य सड़क पर गिर पड़े, जबकि लालजीत सड़क किनारे जा गिरे।
पीछे से आए वाहन की चपेट में आए रणजीत
बताया जाता है कि सड़क पर गिरे रणजीत को पीछे से आ रहे एक अन्य वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। वहीं, घायल लालजीत चौहान को इलाज के लिए वजीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया रेफर कर दिया गया।
युवक की मौत से परिवार में मचा कोहराम
रणजीत चौहान दो भाइयों में छोटे थे। जानकारी के अनुसार, वह दूसरे स्थानों पर जाकर ईंट-भट्ठे में मजदूरी करते थे और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बने हुए थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। रणजीत की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना से नाराज ग्रामीण भी मौके पर जुटने लगे।
सरकारी सहायता की मांग पर दो घंटे तक NH-82 जाम
हादसे के बाद गुरुवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने गया-नवादा NH-82 पर आवागमन रोक दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग थी कि मृतक के परिवार को उचित सरकारी सहायता दी जाए और हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सड़क जाम होने से राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला रास्ता
सड़क जाम की सूचना मिलने पर वजीरगंज के बीडीओ प्रभाकर सिंह और स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को समझाकर जाम समाप्त कराने का प्रयास किया। बीडीओ प्रभाकर सिंह ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब दो घंटे तक चला सड़क जाम समाप्त हुआ और NH-82 पर वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई। हादसे में शामिल वाहनों की पहचान और दुर्घटना के कारणों को लेकर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। अज्ञात वाहन की टक्कर और उसके बाद दूसरे वाहन की चपेट में आने की बात सामने आई है।



