Ranchi: झारखंड के ऐतिहासिक मुड़मा जतरा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा की तैयारियां तेज कर दी हैं। रांची के मांडर प्रखंड में 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस पारंपरिक मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात सुचारू रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। पूरे आयोजन पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी।
चार सेक्टरों में बांटा गया मुड़मा जतरा मेला क्षेत्र
मुड़मा जतरा में संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मेला क्षेत्र को चार सेक्टरों में विभाजित किया है। इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मेले के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा मेला परिसर और आसपास के प्रमुख रास्तों पर निगरानी के लिए 21 गश्ती दल तैनात किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान देंगी।
श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा और अग्निशमन की व्यवस्था
मुड़मा जतरा में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था भी की गई है। किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने या अन्य आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की टीम के साथ चार एंबुलेंस तैयार रहेंगी। इसके अलावा आग लगने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग की गाड़ियां भी तैनात रहेंगी। प्रशासन की कोशिश है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सा और आपातकालीन सहायता मिल सके।
रांची-मांडर मार्ग पर यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान
मेले के दौरान वाहनों की संख्या बढ़ने से सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसे देखते हुए रांची-मांडर मार्ग के आठ प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। वाहनों की पार्किंग के लिए आठ स्थान निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन का जोर इस बात पर रहेगा कि श्रद्धालुओं के आवागमन के साथ-साथ सामान्य यातायात भी प्रभावित न हो। वाहन चालकों को निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की जरूरत होगी।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर
मुड़मा जतरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे में प्रशासन ने मेले के दौरान शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया है। असामाजिक गतिविधियों और अफवाह फैलाने वालों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ड्रोन निगरानी, गश्ती दलों की तैनाती, चिकित्सा सुविधाओं और यातायात प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं के जरिए प्रशासन मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की तैयारी में जुटा है। अब श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए इन इंतजामों का प्रभावी क्रियान्वयन महत्वपूर्ण होगा।




