New Delhi: इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात का अनुरोध किया था, लेकिन यह मुलाकात नहीं हो सकी। सीजेआई ने पुष्टि की कि उन्हें नेताओं का पत्र मिला था और उन्होंने उसी रात उसका जवाब भी भेज दिया था। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुलाकात नहीं हो पाने की सटीक वजह नहीं बताई। इस बीच विपक्षी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने का मुद्दा भी चर्चा में रहा।
CJI सूर्यकांत ने मुलाकात को लेकर क्या बताया?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के मुताबिक, इंडिया ब्लॉक के नेताओं की ओर से मुलाकात का अनुरोध मिलने के बाद उन्होंने पत्र का जवाब दे दिया था। जवाब में मुलाकात नहीं कर पाने के कारणों का उल्लेख किया गया था। हालांकि, सीजेआई ने उन कारणों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मुलाकात किस विशेष वजह से संभव नहीं हो सकी।
#WATCH | Delhi | On INDIA Bloc’s protest march and their demand to meet him, Chief Justice of India (CJI) Justice Surya Kant says, “I received a letter yesterday regarding a meeting request, and I responded to it last night, outlining the reasons why I will be unable to meet…”
He also says, “The Supreme Court’s doors are open to everyone. Any petition from any common citizen or member of an elected body is welcome. Every Indian citizen has the right to approach the court, and we will hear their concerns and grant whatever is due under the law.”
— ANI (@ANI) October 12, 2026
सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले: CJI
मुलाकात के अनुरोध पर जवाब देने के साथ सीजेआई सूर्यकांत ने अदालत तक पहुंचने के अधिकार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे आम नागरिकों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, दोनों के लिए खुले हैं। उनके अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक या जनप्रतिनिधि कानून के तहत अदालत में याचिका दाखिल कर सकता है। अदालत लोगों की चिंताओं पर विचार करेगी और कानून के अनुसार उचित राहत देने पर फैसला करेगी।
इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च के बीच मामला चर्चा में
इंडिया ब्लॉक के नेताओं की मुलाकात की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने का मुद्दा भी सामने आया। ऐसे में सीजेआई का बयान महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने व्यक्तिगत मुलाकात के अनुरोध और न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में याचिका दाखिल करने के अधिकार को अलग-अलग रखा। फिलहाल, मुलाकात नहीं हो पाने की सटीक वजह सार्वजनिक नहीं हुई है। इस मामले में आगे की स्थिति विपक्षी नेताओं के अगले कदम और संबंधित घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।



