पौड़ी में लंपी जैसे लक्षणों से पशुपालन विभाग अलर्ट, जांच के लिए नमूने भेजे

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now पौड़ी गढ़वाल में गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं में लंपी स्किन डिजीज जैसे लक्षण मिलने पर विभाग अलर्ट है। 21 संदिग्ध पशुओं के नमूने IVRI बरेली भेजे गए हैं। पौड़ी गढ़वाल: जिले में गोवंशीय और महिषवंशीय

पौड़ी में लंपी जैसे लक्षणों से पशुपालन विभाग अलर्ट, जांच के लिए नमूने भेजे
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  • पौड़ी गढ़वाल में गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं में लंपी स्किन डिजीज जैसे लक्षण मिलने पर विभाग अलर्ट है। 21 संदिग्ध पशुओं के नमूने IVRI बरेली भेजे गए हैं।

पौड़ी गढ़वाल: जिले में गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं में लंपी स्किन डिजीज जैसे लक्षण सामने आने के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। बीमारी की पुष्टि के लिए 21 संदिग्ध पशुओं के रक्त नमूने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली भेजे गए हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जिले में लंपी स्किन डिजीज की पुष्टि नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

21 संदिग्ध पशुओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए

संभावित संक्रमण को देखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर जिलेभर में निगरानी और टीकाकरण अभियान तेज कर दिया गया है। पशुपालन विभाग के अनुसार अब तक 69,916 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।

केंद्रीय स्टोर से 26 हजार वैक्सीन डोज भी पौड़ी पहुंच चुकी हैं। इन्हें संबंधित पशु चिकित्सालयों और पशु सेवा केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है।

लंपी जैसे लक्षणों पर विभाग की नजर

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज में पशुओं को तेज बुखार आ सकता है। इसके अलावा सुस्ती, भूख में कमी, त्वचा पर गांठें या चकत्ते, लंगड़ापन, लसीका ग्रंथियों में सूजन और गले के आसपास सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि ऐसे लक्षण दिखने पर घबराएं नहीं। पशु के बीमार होने या संक्रमण की आशंका होने पर तत्काल संबंधित पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग को सूचना दें।

अन्य जिलों से पशुओं के आवागमन पर एहतियाती रोक

संक्रमण की आशंका को देखते हुए अन्य जिलों और राज्यों से पौड़ी में आने वाले गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं के आवागमन पर एहतियातन रोक लगाई गई है।

विभाग ने पशुपालकों से फिलहाल नए पशु खरीदने से बचने की अपील की है। संदिग्ध या बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की भी सलाह दी गई है।

टीकाकरण और निगरानी अभियान जारी

पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जिन पशुओं का अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है, उनके पशुपालक नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशु सेवा केंद्र से संपर्क कर टीकाकरण करा सकते हैं।

विभाग ने कहा कि फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी और जरूरत के अनुसार आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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