झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 207 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

JRSU के दूसरे दीक्षांत समारोह में 207 विद्यार्थियों को उपाधि दी गई। राज्यपाल संतोष गंगवार ने पांच टॉपरों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और अन्य
Advertisement

Ranchi: झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय (JRSU) का दूसरा दीक्षांत समारोह सोमवार को रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित किया गया। समारोह में 207 सफल विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष गंगवार रहे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब के निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी विशेष रूप से मौजूद रहे। विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और उनके अभिभावक भी इस महत्वपूर्ण अवसर के साक्षी बने।

पांच टॉपरों को मिला गोल्ड मेडल

दीक्षांत समारोह के दौरान पांच अलग-अलग शैक्षणिक कार्यक्रमों के टॉपर विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। इनमें दो स्नातकोत्तर और तीन स्नातक कार्यक्रमों के सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी शामिल रहे। राज्यपाल संतोष गंगवार ने पांचों गोल्ड मेडलिस्ट समेत कुल 15 विद्यार्थियों को स्वयं उपाधि प्रदान की। डिग्री और पदक मिलने के बाद विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी नजर आई। परिवार के सदस्यों और शिक्षकों ने भी उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई।

रक्षा और फॉरेंसिक शिक्षा को लेकर राज्यपाल का जोर

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष गंगवार ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत और शैक्षणिक उपलब्धियों का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को रक्षा, सुरक्षा और फॉरेंसिक साइंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना भी जरूरी है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपील की कि विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान और प्रशिक्षण का उपयोग समाज तथा देश की सेवा में करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की पहचान उनके ज्ञान के साथ-साथ अनुशासन, जिम्मेदारी और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता से भी बनेगी।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा और कौशल का उपयोग देश की सुरक्षा तथा समाज के हित में करने की अपील की। समारोह में मौजूद अभिभावकों के लिए भी यह अवसर खास रहा। वर्षों की पढ़ाई के बाद बच्चों को डिग्री और मेडल लेते देख परिवार के सदस्य उत्साहित नजर आए।

सुरक्षा और फॉरेंसिक क्षेत्र में प्रशिक्षण पर फोकस

JRSU का उद्देश्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है। विश्वविद्यालय में रक्षा, सुरक्षा और फॉरेंसिक साइंस से जुड़े पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को इस क्षेत्र की व्यावहारिक जरूरतों से परिचित कराने पर केंद्रित हैं। उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब के निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी की मौजूदगी ने भी समारोह में फॉरेंसिक शिक्षा और उसके बढ़ते महत्व को रेखांकित किया।

‘दीक्षांत के बाद शुरू होती है नई जिम्मेदारी’

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. हेमेंद्र कुमार भगत ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं है। यह विद्यार्थियों के जीवन में जिम्मेदारियों के एक नए अध्याय की शुरुआत भी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सुरक्षा और फॉरेंसिक शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। दीक्षांत समारोह के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ, लेकिन उनके पेशेवर जीवन की नई यात्रा अब शुरू होगी। विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों से उम्मीद जताई कि वे अपने ज्ञान और कौशल के जरिए देश और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देंगे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *