Muzaffarpur: नेपाल और बिहार के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बीच मुजफ्फरपुर में तिरहुत मुख्य नहर का तटबंध टूटने से आसपास के इलाकों में पानी फैल गया। मड़वन प्रखंड की रक्सा पंचायत में रविवार अहले सुबह नहर का तटबंध और उससे सटी पक्की सड़क का करीब 40 फीट हिस्सा टूट गया। इसके बाद नहर का पानी तेजी से सरेह और खेतों की ओर बहने लगा।
तटबंध टूटने से रक्सा, विशुनपुर, पररी और चैनपुर समेत करीब आधा दर्जन गांवों के आसपास के खेतों में पानी भर गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक करीब पांच एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हुई है। खेतों में पानी जमा होने से किसानों की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
बारिश के बाद बढ़ा था नहर में पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में बुधवार से शनिवार रात तक लगातार बारिश हुई थी। इसी दौरान तिरहुत मुख्य नहर में भी पानी का स्तर बढ़ा हुआ था। रविवार सुबह अचानक नहर का एक बड़ा हिस्सा टूट गया और पानी आसपास के खेतों में फैलने लगा।
पानी का बहाव तेज होने के कारण कुछ ही समय में आसपास का सरेह जलमग्न हो गया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को दी।
पक्की सड़क का हिस्सा भी टूटा
तटबंध टूटने के साथ नहर पर बनी पक्की सड़क का करीब 40 फीट हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इससे रक्सा दक्षिण और रक्सा डीह के ग्रामीणों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
स्थानीय निवासी राजकुमार के मुताबिक, नहर पर बनी यह सड़क रीवा रोड से निकलकर नहर के समानांतर चंपारण की दिशा में जाती है। सड़क का हिस्सा टूट जाने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
विधायक ने अधिकारियों को दी जानकारी
तटबंध टूटने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने कांटी विधायक सह पूर्व मंत्री इंजीनियर अजीत कुमार को मामले की जानकारी दी। विधायक ने तत्काल मड़वन प्रखंड प्रशासन, जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी।
इसके बाद प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित क्षेत्र में पानी के बहाव और क्षतिग्रस्त तटबंध की स्थिति की जांच की गई।
तटबंध टूटने की वजह की जांच शुरू
एसडीएम पश्चिमी स्नेहा कुमारी ने बताया कि तटबंध टूटने की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग को अलर्ट कर दिया गया था। विभाग की टीम को मौके पर भेजकर मरम्मत का काम शुरू कराया गया है।
एसडीएम के अनुसार, नहर में पानी का स्तर और दबाव इतना अधिक नहीं था कि सिर्फ पानी के दबाव से तटबंध टूट जाए। ऐसे में तटबंध टूटने के कारणों को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि तटबंध का इतना बड़ा हिस्सा किस वजह से टूटा।
मशीनों और मजदूरों की मदद से मरम्मत जारी
फिलहाल जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है। टूटे हुए हिस्से की मरम्मत के लिए मशीनों और मजदूरों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि जल्द से जल्द तटबंध को दुरुस्त किया जाए और नहर के पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके।
किसानों की बढ़ी चिंता
नहर का पानी खेतों में फैलने से स्थानीय किसानों की चिंता बढ़ गई है। करीब पांच एकड़ खेतों में पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। फसलों को कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन पानी कम होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता तटबंध की मरम्मत और पानी के बहाव को नियंत्रित करना है, ताकि आसपास के गांवों और कृषि क्षेत्रों में स्थिति आगे खराब न हो।




