Ranchi : राजधानी के ऐतिहासिक मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा खेल परिसर में बिना अनुमति बनाए गए अवैध क्रिकेट पिच, कंक्रीट संरचना और लोहे के ढाँचे को लेकर जनाक्रोश तेजी से बढ़ता जा रहा है। अबुआ अधिकार मंच और आदिवासी युवा संघ के बाद अब जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम बचाव संघर्ष समिति ने भी मोर्चा संभालते हुए रांची नगर निगम से अविलंब कार्रवाई की माँग की ह
स्टेडियम न केवल खेल गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि आदिवासी अस्मिता और गौरव का प्रतीक भी है, जिसे निजी स्वार्थों की बलि नहीं चढ़ने दिया जाएगा। समिति ने इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश करार दिया है।
नगर निगम की भूमिका पर सवाल:
समिति ने प्रश्न उठाया है कि जब स्टेडियम परिसर का मुख्य द्वार हमेशा बंद रहता है और उसकी चाबी निगम के पास होती है, तो फिर बालू, सीमेंट और भारी निर्माण सामग्री परिसर के भीतर कैसे पहुँची? यह क्या नगर निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत का संकेत नहीं देता?
सिटी मैनेजर की जांच और आंदोलन की चेतावनी:
संघर्ष समिति ने रांची नगर निगम के सिटी मैनेजर की भूमिका की निष्पक्ष जांच की माँग करते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अवैध निर्माण कार्य को शीघ्र नहीं हटाया गया, तो समिति उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। यह भी कहा गया कि स्टेडियम में किसी भी प्रकार का व्यवसायिक कब्जा या निजी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की माँग:
संघर्ष समिति ने राज्य के मुख्यमंत्री से भी तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है और स्पष्ट किया कि अगर नगर निगम की निष्क्रियता जारी रही, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

