आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करें, एआई कंट्रोल रूम स्थापित हो : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, अस्पतालों के

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करें, एआई कंट्रोल रूम स्थापित हो : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
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Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, अस्पतालों के विकास, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता तथा विभिन्न जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, दवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में हर हाल में सुधार दिखना चाहिए।

एम्बुलेंस सेवाओं की निगरानी के लिए बनेगा एआई कंट्रोल रूम

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित एम्बुलेंस सेवाओं को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दुर्घटना या आपात स्थिति में मरीज के लिए हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए एम्बुलेंस सेवाओं को अधिक तेज और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए एम्बुलेंस सेवाओं की निगरानी हेतु एआई आधारित कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया गया।

उबर-ओला मॉडल पर एम्बुलेंस सेवा का अध्ययन

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने के लिए उबर और ओला जैसी सेवाओं के मॉडल का अध्ययन किया जाए। इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया।

एएनएम और जीएनएम की बहाली में तेजी लाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने राज्य में एएनएम और जीएनएम के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन की कमी के कारण मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं अन्य डॉक्टरों की नियुक्तियां भी शीघ्र पूरी करने को कहा।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग स्वास्थ्य रणनीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां अलग-अलग हैं। इसे ध्यान में रखते हुए दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं को विकसित करने तथा कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों के लिए विशेष आपातकालीन व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया।

मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी यूजी और पीजी सीटें

बैठक में राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने यूजी और पीजी सीटों में वृद्धि की दिशा में कार्य करने को कहा। साथ ही पैरालाइसिस और ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कोडरमा, बोकारो, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर और हजारीबाग में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

राज्य में खुलेगा ‘मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना’

राज्य सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना” की स्थापना की जाएगी। यह एकीकृत औषधि केंद्र आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से संचालित होगा। यहां ग्रामीण जनता को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा पद्धतियों की आवश्यक दवाएं एक ही स्थान पर नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने किडनी, लीवर और कॉर्निया सहित अन्य अंगदान को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में कार्यशालाओं के आयोजन तथा देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ चिकित्सकों को गेस्ट फैकल्टी के रूप में आमंत्रित करने की भी बात कही।

ऑनलाइन माध्यम से जामताड़ा के हेल्थ सब सेंटर का लिया जायजा

मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से जामताड़ा जिले के आम डुमरिया स्थित हेल्थ सब सेंटर से जुड़कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों, एएनएम, जीएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती, मरीजों की संख्या तथा गर्भवती महिलाओं को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सुरक्षित प्रसव से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

  • एएनएम, जीएनएम और डॉक्टरों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति।
  • एआई आधारित कॉल सेंटर और उबर-ओला मॉडल पर एम्बुलेंस सेवा की योजना।
  • राज्य के रेफरल सिस्टम का ऑडिट।
  • स्वास्थ्य निदेशालयों के पुनर्गठन की योजना।
  • अस्पतालों की स्वच्छता और रखरखाव पर विशेष ध्यान।
  • राज्यव्यापी नेत्र जांच शिविरों का आयोजन।
  • एबीएचए कार्ड अभियान को स्कूलों, कॉलेजों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक विस्तार।
  • नवीनतम मेडिकल तकनीकों के अध्ययन और उपयोग की योजना।
  • मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के तहत सदर अस्पतालों का उन्नयन।
  • ब्लड सेपरेशन यूनिट और ब्लड बैंक व्यवस्था को सुदृढ़ करना।
  • आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों का ऑडिट।
  • सभी मेडिकल कॉलेजों में रिहैबिलिटेशन और थेरेपी सेंटर स्थापित करने की योजना।
  • ‘अबुआ दवाखाना’ को शीघ्र शुरू करने की दिशा में कार्रवाई।
  • केरल मॉडल पर अंगदान अभियान को बढ़ावा देना।
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