New Delhi : बिहार और पूर्वी भारत के ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 30 मई को औरंगाबाद जिले में एनटीपीसी नबीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (STPP) स्टेज-2 का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना की लागत करीब 29,948 करोड़ रुपये है और इसमें 3 यूनिट्स होंगी, प्रत्येक 800 मेगावाट की क्षमता वाली।
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यह परियोजना अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी, जो उच्चतम विद्युत उत्पादन दक्षता के लिए जानी जाती है। इसके साथ ही, पर्यावरणीय संतुलन और जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए संयंत्र में ड्राई बॉटम ऐश हैंडलिंग सिस्टम और एयर कूल्ड कंडेनसर लगाए जाएंगे। इससे शुद्ध जल की खपत में काफी कमी आएगी, जो जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस परियोजना से बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पंजाब जैसे राज्यों को भी विश्वसनीय और किफायती बिजली की आपूर्ति होगी। यह पहल न केवल ऊर्जा संकट को कम करने में सहायक होगी, बल्कि औद्योगिक विकास और स्थानीय रोजगार को भी गति देगी।
एनटीपीसी लिमिटेड, जो देश की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली उत्पादन कंपनी है, इस समय 80 गीगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ कार्यरत है। इसके अलावा 32 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें से 13 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के रूप में शामिल है।
कंपनी ने 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है और वह अपने थर्मल, हाइड्रो, सौर और पवन संयंत्रों के माध्यम से देश को सतत, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल बिजली देने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह परियोजना क्षेत्रीय विकास, ऊर्जा सुरक्षा और हरित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।



