- NUSRL रांची की राष्ट्रीय परामर्श बैठक में उठा कानूनी सहायता और जेल सुधार का मुद्दा
मुकेश रंजन
Ranchi : National University of Study and Research in Law (NUSRL) द्वारा आयोजित एक दिवसीय परामर्श कार्यक्रम में अंडरट्रायल कैदियों को समय पर न्याय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की चुनौतियों पर गंभीर मंथन हुआ। “Issues and Challenges for Providing Legal Aid to Undertrial Prisoners” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायिक, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में Jharkhand State Legal Services Authority की सदस्य सचिव कुमारी रंजना आस्था ने कहा कि गरीबी, अशिक्षा और कानूनी जानकारी के अभाव के कारण बड़ी संख्या में गरीब और आदिवासी पृष्ठभूमि के कैदी समय पर जमानत नहीं प्राप्त कर पाते।
वहीं तुषार रंजन गुप्ता ने बताया कि राज्य की जेलों में लगभग 70 प्रतिशत कैदी अंडरट्रायल हैं, जो न्याय व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती है।
Ashok R. Patil ने कहा कि कानूनी सहायता कोई दान नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। कार्यक्रम में जेलों में भीड़, न्यायिक प्रक्रिया में देरी और कानूनी जागरूकता की कमी जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। अंत में सभी संस्थाओं ने मिलकर अंडरट्रायल कैदियों को शीघ्र और सुलभ न्याय दिलाने का संकल्प



