Ranchi: राज्य भर के पंचायत सहायकों में सरकार के प्रति गहरा असंतोष पनपता जा रहा है। काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अधिकार और आर्थिक प्रोत्साहन के मामले में उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। इस उपेक्षा और वादाखिलाफी के खिलाफ पंचायत सहायकों ने राज्यव्यापी एकजुटता की पहल की है।
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पंचायत सहायक संघ की प्रदेश कमेटी ने एक महत्वपूर्ण बैठक 1 जून 2025 (रविवार) को मोराबादी मैदान, रांची स्थित ऑक्सीजन पार्क में बुलायी है। यह बैठक दोपहर 2:00 बजे शुरू होगी और इसमें झारखंड के सभी जिलों से पंचायत सहायक भाग लेंगे। इस बैठक में भविष्य की आंदोलनात्मक रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि पंचायत सहायकों से प्रधानमंत्री आवास योजना, आबुआ आवास, मनरेगा, भूमि संरक्षण, और विभिन्न सरकारी कैंपों में निरंतर ड्यूटी ली जा रही है, लेकिन 2019 से अब तक की प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि 12 मार्च 2024 को हुई कैबिनेट बैठक में ₹2500 प्रतिमाह प्रोत्साहन देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक एक भी किस्त जारी नहीं हुई है।
इसके अलावा, विभागीय मार्गदर्शिका को लागू करने में भी कोताही बरती जा रही है। दो महीने पहले मार्गदर्शिका जारी होने के बावजूद न तो प्रखंड स्तर पर और न ही जिला स्तर पर इसका अनुपालन हो रहा है, जिससे पंचायत सहायकों में रोष है।
चंद्रदीप कुमार ने कहा कि सभी सरकारें पंचायत सहायकों से सिर्फ काम ले रही हैं, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं दिया जा रहा। अब समय आ गया है कि अपनी आवाज को संगठित तरीके से उठाया जाए।
क्या निकलेगी आंदोलन की रणनीति?
सभी की निगाहें अब 1 जून की बैठक पर हैं, जहां से यह तय होगा कि पंचायत सहायक अपने अधिकारों को लेकर किस दिशा में कदम बढ़ाएंगे। संभावित आंदोलन की रूपरेखा भी इसी बैठक में तैयार की जाएगी।



