मरांडी बनाम बैठा: झारखंड भाजपा में सियासी घमासान

Ranchi: झारखंड की राजनीति में एक नई चिंगारी कांके से उठी है, जिसने राजधानी रांची तक सियासी गर्मी फैला दी है। कांके के विधायक सुरेश बैठा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर सीधा निशाना साधते हुए न केवल

मरांडी बनाम बैठा: झारखंड भाजपा में सियासी घमासान

Ranchi: झारखंड की राजनीति में एक नई चिंगारी कांके से उठी है, जिसने राजधानी रांची तक सियासी गर्मी फैला दी है। कांके के विधायक सुरेश बैठा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर सीधा निशाना साधते हुए न केवल उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए, बल्कि उन्हें “विकास विरोधी” तक कह डाला।

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बैठा ने कहा कि मरांडी कभी ग्रेटर रांची के सपने के साथ आए थे, जिसका उन्होंने खुद शिलान्यास किया था। लेकिन आज वही नेता विकास के हर कदम का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “कुर्मी आरक्षण में कटौती भी उनके ही शासन में हुई, और अब वे सिर्फ विरोध की राजनीति में लगे हैं। क्या जनता के असल मुद्दों से उनका कोई संबंध बचा है?”

रिम्स-2 बना विवाद का केंद्र
नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 अस्पताल परियोजना पर बाबूलाल मरांडी के विरोध को सुरेश बैठा ने एक “राजनीतिक स्टंट” बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की ज़रूरत है, और जमीन के मुद्दे को हवा देकर मरांडी जनता को भ्रमित कर रहे हैं। यह विकास विरोध नहीं तो और क्या है?

नेतृत्व संघर्ष की आहट?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान सिर्फ व्यक्तिगत असंतोष नहीं, बल्कि भाजपा में चल रही अंदरूनी खींचतान का संकेत है। पुराने बनाम नए नेतृत्व के बीच का संघर्ष अब सतह पर आने लगा है। भाजपा जैसे अनुशासित संगठन में किसी विधायक द्वारा इस तरह का खुला हमला, संगठन के भीतर उबलते असंतोष को दर्शाता है।

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