Ranchi : झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा आरकेडीएफ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “नशा के विरुद्ध जागरूकता हेतु चौपाल” का आयोजन खलारी प्रखंड में किया गया। इस चौपाल का उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और नशा मुक्त भारत अभियान को मजबूत करना था।

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इस आयोजन में डॉ. मैनाक बनर्जी (नोडल पदाधिकारी/मास्टर ट्रेनर) और डॉ. अभिषेक वैभव (सदस्य) द्वारा मादक पदार्थों से जुड़ी सामाजिक, मानसिक और कानूनी जानकारी दी गई। उन्होंने मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, कोटपा कानून, नशे से उत्पन्न होने वाली मानसिक स्थितियां, तथा परिवार और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में विस्तारपूर्वक बताया।
चौपाल में नशा मुक्त भारत निर्माण में हितधारकों की जिम्मेदारी और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि अपराध अनुसंधान विभाग झारखंड, एक नोडल एजेंसी के रूप में, किस प्रकार मादक पदार्थों की रोकथाम और निगरानी में योगदान दे रही है।
प्रशिक्षण सत्र में खलारी प्रखंड के सभी मुखिया, पंचायत सचिव, प्रखंड समन्वयक और VLE (Village Level Entrepreneurs) ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान भागीदारों को यह भी समझाया गया कि किस तरह सामूहिक प्रयास और स्थानीय सहयोग से समाज को नशा मुक्त किया जा सकता है।
डॉ. बनर्जी और डॉ. वैभव ने कहा कि युवाओं को जागरूक कर, पंचायत स्तर पर सतत चौपाल और संवादों के ज़रिए मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाया जा सकता है। नशा एक सामाजिक बुराई है, जिसे शिक्षा, सामुदायिक भागीदारी और प्रशासनिक सतर्कता से ही खत्म किया जा सकता है।
इस चौपाल के ज़रिए खलारी क्षेत्र में नशा विरोधी अभियान को नया बल मिला और यह भविष्य में अन्य प्रखंडों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।



