Kanke (Ranchi) : झारखंड के कांके प्रखंड अंतर्गत ग्राम काटमकुली में आज लोकतंत्र की सजीव तस्वीर सामने आई। ग्राम प्रधान पद के लिए हुए चुनाव में ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस चुनाव में दीपक पाहन ने अपने प्रतिद्वंद्वी देव नारायण मुंडा को भारी मतों से हराकर ग्राम प्रधान का पद अपने नाम कर लिया।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीपक पाहन को कुल 183 मत प्राप्त हुए, जबकि देव नारायण मुंडा को मात्र 71 वोट से संतोष करना पड़ा। यह परिणाम दीपक पाहन की लोकप्रियता और गांव के प्रति उनकी सोच का प्रमाण है। जैसे ही चुनाव परिणाम घोषित हुआ, पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं के साथ दीपक पाहन का जोरदार स्वागत किया। “जय दीपक पाहन” के नारों से गांव गूंज उठा।
इस शांतिपूर्ण चुनाव की निगरानी बीओ स्तर के अधिकारियों द्वारा की गई। चुनाव में मुखिया अनीता देवी, उपमुखिया अख्तर अंसारी और पंचायत सचिव चंदर देव साहू की सक्रिय उपस्थिति से चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी रूप से सम्पन्न हुआ। ग्राम के वरिष्ठ और जागरूक नागरिकों की भागीदारी ने इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूती दी।
दीपक पाहन ने जीत के बाद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वे गांव के सर्वांगीण विकास, पारदर्शिता और सबकी भागीदारी के साथ सेवा करेंगे। उनका विजन गांव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का है। ग्रामीणों को भी उनसे बड़ी उम्मीदें हैं — शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर अब प्रगति की राह देखी जा रही है।
ग्राम काटमकुली में यह चुनाव न केवल नेतृत्व परिवर्तन का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आज भी ग्रामीण भारत में लोकतंत्र की जड़ें कितनी मजबूत हैं।


