Ranchi : राजधानी रांची के मांडर प्रखंड स्थित बीएसएनएल एक्सचेंज में बीती रात चोरों ने धावा बोलकर लगभग चार लाख रुपये की तकनीकी संपत्ति चुरा ली। इस घटना ने न केवल सरकारी संचार तंत्र की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता भी उजागर हो गई है।
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बीएसएनएल के एसडीओ प्रत्यूष पाठक ने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने कई बार मांडर थाना को कॉल किया, लेकिन किसी भी नंबर से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। इस लापरवाही का फायदा उठाकर चोरों ने वायरिंग, मॉड्यूलर डिवाइस, राउटर और अन्य महंगे उपकरण आराम से एक्सचेंज से निकाल लिए।
घटना पर एसडीओ की टिप्पणी तीखी रही। उन्होंने इसे महज चोरी नहीं, बल्कि सरकारी नेटवर्क पर सुनियोजित हमला करार दिया। उनका कहना है कि अगर समय पर पुलिस मौके पर पहुंचती, तो घटना को रोका जा सकता था। यह घोर प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा और भय का माहौल है। उन्होंने घटना को सीबीआई स्तर की जांच के योग्य बताया और मांडर थाना की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही बीएसएनएल परिसरों की सुरक्षा को लेकर ठोस इंतजाम की मांग की गई है।
पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक ओर हाईटेक सरकारी नेटवर्क, दूसरी ओर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं—यह विरोधाभास अब भारी पड़ने लगा है। रात्रिकालीन गश्ती और निगरानी पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
प्रशासन अब तक चुप्पी साधे बैठा है। मांडर की जनता जानना चाहती है—चोर पहले पकड़ेंगे या कार्रवाई की फाइल पहले बंद होगी? बीएसएनएल जैसी संस्था की सुरक्षा में सेंध सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता से भी जुड़ा मुद्दा है।



